मुख्य तथ्य
- हिरासत की तारीख
- आज (रिपोर्ट प्रकाशन तिथि: 2026-08-04)
- जांच एजेंसी
- बाकिरकोय मुख्य सार्वजनिक अभियोजक कार्यालय, इस्तांबुल
- आरोप
- अश्लीलता
- घटना
- यूट्यूब इंटरव्यू में पोर्टेबल वाइब्रेटर दिखाना
- प्रतिबंध
- अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्रतिबंध
- कानूनी प्रावधान
- तुर्की दंड संहिता की धारा 226
पृष्ठभूमि
तुर्की में हाल के वर्षों में सार्वजनिक हस्तियों से जुड़े अश्लीलता मामलों की जांच में वृद्धि हुई है। शुरुआत में ये जांच वयस्क सामग्री निर्माताओं को निशाना बनाती थीं, लेकिन अब अधिकारी गैर-स्पष्ट सामग्री पर भी इस तरह के आरोप लगाने लगे हैं।
पिछले साल गर्ल बैंड 'मैनिफेस्ट' के एक आयु-प्रतिबंधित संगीत कार्यक्रम के सिलसिले में अश्लीलता की जांच शुरू की गई थी। पिछले महीने ही हेडस्कार्फ़ पहनने वाली इन्फ्लुएंसर फातमा सोयदास को 'अश्लील सामग्री प्रसारित करने' के आरोप में प्री-ट्रायल हिरासत में रखा गया था, क्योंकि अधिकारियों ने माना कि उन्होंने 'यौन रूप से उत्तेजक' सामग्री बनाई थी।
इस साल की शुरुआत में क्वीर गायक माबेल मातिज़ पर दो लोगों के बीच रोमांटिक रिश्ते के बारे में उनके गीत के लिए मुकदमा चला था, जिसमें उन्हें अंततः बरी कर दिया गया था।
वर्तमान स्थिति
फोटोग्राफर बेन्नू गेरेडे को आज 'अश्लीलता' जांच के तहत हिरासत में लिया गया, क्योंकि उन्होंने एक यूट्यूब इंटरव्यू के दौरान हार के रूप में पहना जाने वाला पोर्टेबल वाइब्रेटर दिखाया था। इस्तांबुल के बाकिरकोय मुख्य सार्वजनिक अभियोजक कार्यालय ने इंटरव्यू का एक क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की।
पत्रकार एमेल ओज़ुगुरलू के चैनल पर प्रसारित वीडियो में, पत्रकार गेरेडे के सीमित सामान के उपयोग की ओर इशारा करते हुए उनसे हार दिखाने को कहती है। गेरेडे कहती हैं कि यह एक 'पोर्टेबल वाइब्रेटर' है जिसमें कई कंपन सेटिंग्स हैं।
जब ओज़ुगुरलू पूछती हैं कि वह इसे गले में क्यों पहनती हैं, तो गेरेडे जवाब देती हैं, 'क्योंकि कभी-कभी मुझे लगता है कि मेरी यौन इच्छाएं बढ़ जाती हैं। आप इसे किसी भी समय उपयोग कर सकते हैं। आप शौचालय जाकर ऐसा कर सकते हैं, या आप गाड़ी चलाते समय भी कर सकते हैं।' जांच की घोषणा के बाद गेरेडे को हिरासत में ले लिया गया और अभियोजकों द्वारा पूछताछ के बाद उन्हें अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्रतिबंध के साथ हिरासत में भेज दिया गया।
प्रभाव
इस मामले से तुर्की में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कलात्मक अभिव्यक्ति पर बढ़ते दबाव का संकेत मिलता है। गेरेडे जैसी सार्वजनिक हस्तियों के खिलाफ अश्लीलता के आरोपों से कलाकारों, पत्रकारों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं में आत्म-सेंसरशिप बढ़ सकती है।
तुर्की दंड संहिता की धारा 226 मीडिया के माध्यम से अश्लील सामग्री के प्रकाशन पर रोक लगाती है। कानून 'सामान्य अश्लीलता' और 'बच्चों से जुड़ी अश्लीलता' को कवर करता है, लेकिन अश्लील सामग्री की कोई विशिष्ट परिभाषा नहीं देता है। इस अस्पष्टता के कारण अधिकारियों को व्यापक रूप से आरोप लगाने की गुंजाइश मिलती है।
अश्लील छवियों, लेखन या भाषण के प्रकाशन या सुविधा प्रदान करने पर छह महीने से तीन साल तक की जेल और 5,000 दिनों तक का न्यायिक जुर्माना हो सकता है। इस कानूनी प्रावधान का इस्तेमाल गैर-स्पष्ट सामग्री के खिलाफ भी किया जा रहा है, जिससे नागरिकों के लिए कानूनी जोखिम बढ़ गया है।
भविष्य का परिदृश्य
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि अदालत गेरेडे को दोषी पाती है, तो उन्हें छह महीने से तीन साल तक की जेल और 5,000 दिनों तक का जुर्माना हो सकता है। हालांकि, यदि अदालत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पक्ष में फैसला सुनाती है, तो मामल खारिज हो सकता है, जैसा कि माबेल मातिज़ के मामले में हुआ था।
तुर्की में अश्लीलता जांच के बढ़ते चलन को देखते हुए, यह संभावना है कि भविष्य में भी इसी तरह के मामले सामने आते रहेंगे। यदि अधिकारी गैर-स्पष्ट सामग्री पर सख्ती जारी रखते हैं, तो कलाकारों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को और अधिक कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
इस मामले का नतीजा तुर्की में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमाओं को परिभाषित करने में महत्वपूर्ण हो सकता है। यदि गेरेडे को बरी किया जाता है, तो यह गैर-स्पष्ट सामग्री के खिलाफ जांच के खिलाफ एक मिसाल बन सकता है, लेकिन यदि दोषी ठहराया जाता है, तो यह और अधिक आत्म-सेंसरशिप को बढ़ावा दे सकता है।
स्रोत: bianet.org



