मुख्य तथ्य
- दोषी
- जेसी कोल और अल्बर्ट बोवर्स
- पीड़ित
- पीसी एंड्रयू हार्पर
- रिहाई की तारीख
- अक्टूबर से संभावित
- याचिका हस्ताक्षर
- 100,000 से अधिक
- विरोध करने वाली
- थेम्स वैली पुलिस अध्यक्ष आइलीन ओ'कॉनर
पृष्ठभूमि
पीसी एंड्रयू हार्पर की हत्या के दोषी जेसी कोल और अल्बर्ट बोवर्स को जल्द रिहा किए जाने के फैसले ने पुलिस महासंघ को आक्रोशित कर दिया है। थेम्स वैली पुलिस की अध्यक्ष आइलीन ओ'कॉनर ने प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम को अदालत में घसीटने की धमकी दी है।
बर्नहम सरकार द्वारा प्रारंभिक रिहाई योजना में किए गए संशोधनों में हत्या के दोषियों को छूट नहीं दी गई है। यह मामला पीसी हार्पर की विधवा लिसी हार्पर के अभियान के बाद सामने आया है, जिसके चलते बलात्कारियों और बाल यौन अपराधियों को जल्द रिहा होने से रोका गया था।
वर्तमान स्थिति
ओ'कॉनर ने कहा कि बर्नहम का यह कदम 'एंड्रयू के परिवार, दोस्तों और सहकर्मियों का अपमान' है। उन्होंने कहा, 'एंडी बर्नहम शायद छुट्टी पर हों, लेकिन हम इस पर आराम नहीं करेंगे।'
बर्नहम ने कथित तौर पर हत्या की सजा पाए लोगों की जल्द रिहाई को रोकने की उम्मीद की थी, लेकिन जेलों में भीड़भाड़ के कारण ऐसा नहीं कर पाए। इसका मतलब है कि कोल और बोवर्स, जो पीसी हार्पर की मौत वाली कार में सवार थे, अक्टूबर से जल्द रिहा होने के पात्र होंगे।
ओ'कॉनर ने द सन में लिखा कि प्रधानमंत्री और न्याय सचिव एलेक्स नॉरिस को लिसी और उनके परिवार के सामने खड़े होकर समझाना चाहिए कि 'एक पुलिस अधिकारी की हत्या के जिम्मेदार लोगों को जल्द रिहा क्यों किया जाना चाहिए'।
प्रभाव
ओ'कॉनर ने एलबीसी न्यूज से कहा, 'मैं केसी, बैरिस्टर, जो कुछ भी हो, के माध्यम से एक उचित कानूनी चुनौती के जरिए इसमें सब कुछ झोंक दूंगी।' उन्होंने कहा कि वह एंड्रयू हार्पर की विरासत और उन पीड़ितों की रक्षा के लिए ऐसा करेंगी जिनके पास अपनी बात रखने का मंच नहीं है।
ओ'कॉनर द्वारा शुरू की गई याचिका ने मंगलवार शाम को 100,000 सत्यापित हस्ताक्षर पार कर लिए। 100,000 हस्ताक्षरों के बाद, याचिकाओं को संसद में बहस के लिए विचार किया जाता है।
ओ'कॉनर ने कहा, 'यह फैसला उन घावों पर नमक छिड़कने जैसा है जो कभी भरे नहीं। यह एंड्रयू के परिवार, उनके दोस्तों, उनके सहकर्मियों और पूरे पुलिस परिवार का अपमान है।'
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि ओ'कॉनर कानूनी चुनौती आगे बढ़ाती हैं, तो अदालतें इस फैसले पर रोक लगा सकती हैं या सरकार को नीति बदलने के लिए मजबूर कर सकती हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि अदालतें इस मामले में क्या रुख अपनाएंगी।
यदि संसद में याचिका पर बहस होती है, तो सरकार को अपने फैसले का बचाव करना पड़ सकता है, जिससे नीति में संशोधन की संभावना बन सकती है। लेकिन यह अभी अनिश्चित है।
अक्टूबर में कोल और बोवर्स की रिहाई की संभावना बनी हुई है, जब तक कि कोई कानूनी या राजनीतिक हस्तक्षेप न हो। यदि ऐसा होता है, तो पुलिस बलों और पीड़ित परिवारों में आक्रोश और बढ़ सकता है।
स्रोत: lbc.co.uk



