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अमेरिका ने 28,000 प्रवासी ट्रक चालकों के लाइसेंस रद्द किए, भारतीयों पर असर की आशंका

ट्रंप प्रशासन ने 28,000 से अधिक प्रवासी ट्रक चालकों के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं और उनकी जगह सैन्य दिग्गजों को शामिल करने के लिए 'फ्रीडम हॉलर्स' अभियान शुरू किया है। इस कदम से अमेरिका में काम कर रहे पंजाब और हरियाणा के हजारों भारतीय ट्रक चालक प्रभावित हो सकते हैं।

अमेरिका ने 28,000 प्रवासी ट्रक चालकों के लाइसेंस रद्द किए, भारतीयों पर असर की आशंका
Graphic: Amrit Khabar NewsroomImage rights policy

मुख्य तथ्य

रद्द किए गए लाइसेंस
28,000 से अधिक
अंग्रेजी में अक्षम गैर-नागरिकों के लाइसेंस
24,000
बंद किए गए ड्राइविंग स्कूल
9,500
सड़कों से हटाए गए चालक
26,000
पंजाब और हरियाणा से आए ट्रक चालक
लगभग 130,000 से 150,000
चालकों की कमी
लगभग 30,000

पृष्ठभूमि

अमेरिका में ट्रंप प्रशासन ने प्रवासी ट्रक चालकों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने मंगलवार को पुष्टि की कि 28,000 से अधिक प्रवासियों के वाणिज्यिक ट्रक चालक लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 24,000 ऐसे गैर-नागरिकों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं जो अंग्रेजी नहीं बोल या पढ़ सकते हैं।

यह कार्रवाई अगस्त 2025 में फ्लोरिडा में हुए एक हादसे के बाद तेज हुई, जब एक ट्रक चालक ने गैरकानूनी यू-टर्न लेकर तीन लोगों की जान ले ली थी। इसके बाद अमेरिकी परिवहन विभाग ने ट्रक चालकों के लिए अंग्रेजी भाषा की मौजूदा आवश्यकताओं को लागू करना शुरू कर दिया। परिवहन सचिव सीन डफी ने कहा था कि भारत से आए उस चालक को पहले स्थान पर लाइसेंस जारी नहीं किया जाना चाहिए था।

वर्तमान स्थिति

प्रशासन ने बताया कि उसने राज्यों के साथ मिलकर 9,500 ड्राइविंग स्कूलों को बंद कर दिया है, जो इन ट्रक चालकों को अमेरिका में वाहन चलाने में मदद करते थे। इस कार्रवाई के बाद से 26,000 चालकों को अंग्रेजी दक्षता में कमी के कारण सड़कों से हटा दिया गया है। संघीय सरकार ने कैलिफोर्निया और न्यूयॉर्क से हजारों लाइसेंस रद्द न करने पर उन्हें मिलने वाले राजमार्ग कोष से लाखों डॉलर रोकने की कोशिश की, जो अब अदालत में विचाराधीन है। पेंसिल्वेनिया, मिनेसोटा और नॉर्थ कैरोलिना सहित कई अन्य राज्यों को चेतावनी दी गई है कि उन्हें धनराशि खोने का जोखिम है।

इस कदम का असर अमेरिका में काम कर रहे भारतीय प्रवासियों पर पड़ सकता है। नॉर्थ अमेरिकन पंजाबी ट्रकर्स एसोसिएशन के आंकड़ों के हवाले से द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में लगभग 130,000 से 150,000 ट्रक चालक सीधे पंजाब और हरियाणा से आए हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इनमें से कितने लोगों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं।

प्रमुख आंकड़े
विवरण संख्या
रद्द किए गए लाइसेंस28,000 से अधिक
अंग्रेजी में अक्षम गैर-नागरिकों के लाइसेंस24,000
बंद किए गए ड्राइविंग स्कूल9,500
सड़कों से हटाए गए चालक26,000
पंजाब और हरियाणा से आए ट्रक चालकलगभग 130,000 से 150,000
चालकों की कमीलगभग 30,000
सभी आंकड़े स्रोत में दिए गए हैं।

प्रभाव

इस कदम से अमेरिकी बाजार में माल पहुंचाने वाले लगभग 30,000 ट्रक चालकों की कमी हो जाएगी। इस कमी को दूर करने के लिए प्रशासन ने 'फ्रीडम हॉलर्स' अभियान शुरू किया है। यह अभियान उन सैन्य दिग्गजों के लिए कार्यक्रमों को बढ़ावा देगा, जिन्होंने हाल ही में बड़े सैन्य वाहन चलाए हैं, ताकि वे वाणिज्यिक ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवश्यक कौशल परीक्षण को छोड़ सकें।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, परिवहन सचिव सीन डफी, वेटरन अफेयर्स सचिव डगलस ए. कॉलिन्स और कार्यवाहक श्रम सचिव कीथ सोंडरलिंग ने पिछले सप्ताह व्हाइट हाउस में सैन्य दिग्गजों के साथ इस अभियान की शुरुआत की। परिवहन विभाग की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह पहल राष्ट्रपति ट्रंप के अमेरिकी सड़कों को साफ करने, खतरनाक विदेशी चालकों पर नकेल कसने और अमेरिकी ट्रक चालकों का समर्थन करने के प्रयासों पर आधारित है।

आगे की संभावनाएं

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

यदि यह कार्रवाई जारी रहती है, तो अमेरिका में भारतीय मूल के ट्रक चालकों की संख्या में और गिरावट आ सकती है, जिससे उनकी आजीविका पर गहरा असर पड़ सकता है। साथ ही, अमेरिकी आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान उत्पन्न हो सकता है, क्योंकि 30,000 चालकों की कमी से माल परिवहन में देरी हो सकती है।

हालांकि, 'फ्रीडम हॉलर्स' अभियान के तहत सैन्य दिग्गजों को शामिल करने से कुछ हद तक कमी को पूरा किया जा सकता है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि वे कितनी जल्दी प्रशिक्षित होकर काम शुरू कर पाएंगे। यदि अदालत में लंबित मामले का फैसला प्रशासन के पक्ष में आता है, तो और राज्यों से लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई तेज हो सकती है। वहीं, यदि अदालत प्रशासन के खिलाफ फैसला सुनाती है, तो कुछ राज्यों में यह कार्रवाई रुक सकती है।

स्रोत: hindustantimes.com

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