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पुलिस ने स्कूल की पहली दिन की तस्वीरों में छिपे डिजिटल खतरों से आगाह किया

जोन्सबोरो पुलिस प्रमुख रिक इलियट ने माता-पिता से स्कूल की पहली दिन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते समय स्कूल का नाम, कक्षा और शिक्षक जैसी निजी जानकारी न छापने को कहा है।

पुलिस ने स्कूल की पहली दिन की तस्वीरों में छिपे डिजिटल खतरों से आगाह किया
Graphic: Amrit Khabar NewsroomImage rights policy

मुख्य तथ्य

चेतावनी जारी करने वाला विभाग
जोन्सबोरो पुलिस
पुलिस प्रमुख
रिक इलियट
मुख्य सलाह
स्कूल का नाम, कक्षा और शिक्षकों की जानकारी साझा न करें
अतिरिक्त सलाह
सोशल मीडिया गोपनीयता सेटिंग्स की समीक्षा करें
क्षेत्र
जोन्सबोरो, अर्कांसस (क्षेत्र 8)

पृष्ठभूमि

अमेरिका के अर्कांसस राज्य के जोन्सबोरो शहर में पुलिस ने माता-पिता को स्कूल के पहले दिन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करने से जुड़े छिपे डिजिटल खतरों के प्रति आगाह किया है। हर साल पतझड़ के मौसम में पहले दिन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब पोस्ट की जाती हैं, लेकिन कानून प्रवर्तन अधिकारियों का कहना है कि बच्चों के हाथ में पकड़े गए बोर्ड पर लिखी निजी जानकारी उन्हें जोखिम में डाल सकती है।

जोन्सबोरो पुलिस प्रमुख रिक इलियट ने कहा कि ऑनलाइन अधिक जानकारी साझा करने से अपराधियों को बच्चे की दिनचर्या के बारे में जानकारी मिल सकती है। उन्होंने कहा, "समय बदल गया है, और सोशल मीडिया कई बार समझौता किया जा रहा है। बुरे लोग यह जानकारी वहां पाते हैं और लोगों का शिकार करते हैं।"

वर्तमान स्थिति

इलियट ने माता-पिता को सलाह दी है कि वे पोस्ट को सरल रखें और स्कूल का नाम, कक्षा या विशिष्ट शिक्षकों जैसी संवेदनशील जानकारी को छोड़ दें। उन्होंने यह भी सिफारिश की कि माता-पिता अपनी सोशल मीडिया गोपनीयता सेटिंग्स की समीक्षा करें ताकि तस्वीरें केवल विश्वसनीय दोस्तों और परिवार को ही दिखाई दें।

यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब परिवार क्षेत्र 8 में नए स्कूल वर्ष की तैयारी कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि इस तरह की सावधानी बरतने से बच्चों को ऑनलाइन शिकारियों से बचाया जा सकता है।

प्रभाव

इस चेतावनी का सीधा असर उन माता-पिता पर पड़ सकता है जो अपने बच्चों की पहले दिन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हैं। यदि वे सलाह का पालन नहीं करते हैं, तो उनके बच्चों की निजी जानकारी, जैसे स्कूल का नाम और कक्षा, गलत लोगों तक पहुंच सकती है।

दूसरे स्तर पर, इसका असर स्कूलों और शिक्षकों पर भी पड़ सकता है, क्योंकि अगर माता-पिता शिक्षकों के नाम साझा करते हैं, तो उन शिक्षकों को भी अनचाहे ध्यान का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इस तरह की घटनाएं पहले ही हो चुकी हैं या नहीं।

भविष्य की संभावनाएं

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

यदि माता-पिता पुलिस की सलाह का पालन करते हैं और तस्वीरों में निजी जानकारी साझा करने से बचते हैं, तो बच्चों के ऑनलाइन शिकारियों के निशाने पर आने की संभावना कम हो सकती है।

हालांकि, यदि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अपनी गोपनीयता सेटिंग्स को और अधिक सख्त नहीं करते हैं, तो यह जोखिम बना रह सकता है। भविष्य में, पुलिस विभाग इस तरह की चेतावनियों को और अधिक व्यापक बना सकता है, लेकिन यह अभी अनिश्चित है।

स्रोत: kait8.com

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