मुख्य तथ्य
- आरोप
- आरएनसीसी ने ग्लूसेनकैम्प पेरेज़ पर कर वृद्धि का आरोप लगाया
- वोट रिकॉर्ड
- 282 मतों की जांच में कोई कर वृद्धि नहीं मिली
- बिल
- 'वन बिग ब्यूटीफुल बिल एक्ट' को खारिज किया
- कर कटौती
- टीसीजेए 2017 में हस्ताक्षरित, 2025 में समाप्त होने वाला था
- राष्ट्रीय ऋण
- 2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक बढ़ने का अनुमान
पृष्ठभूमि
द रिफ्लेक्टर में प्रकाशित एक पत्र में आरोप लगाया गया है कि नेशनल रिपब्लिकन कांग्रेसनल कमेटी (आरएनसीसी) ने मैरी ग्लूसेनकैम्प पेरेज़ के खिलाफ भ्रामक दावे किए हैं। आरएनसीसी ने आरोप लगाया कि उन्होंने अपने मतदाताओं के करों में 3,400 डॉलर प्रति वर्ष की वृद्धि के पक्ष में मतदान किया और 'द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से सबसे बड़ी कर वृद्धि' का समर्थन किया।
पत्र में कहा गया है कि ग्लूसेनकैम्प पेरेज़ के 282 मतों के रिकॉर्ड की जांच से पता चलता है कि उन्होंने कभी भी ऐसी कर वृद्धि का समर्थन नहीं किया। यह दावा आरएनसीसी के बयानों की सत्यता पर सवाल उठाता है।
वर्तमान स्थिति
पत्र में उल्लेख किया गया है कि ग्लूसेनकैम्प पेरेज़ ने 'वन बिग ब्यूटीफुल बिल एक्ट' को खारिज कर दिया, जिसे पारित किया गया था। इस अधिनियम ने 23 दिसंबर, 2017 को हस्ताक्षरित अस्थायी कर कटौती और रोजगार अधिनियम (टीसीजेए) को बढ़ा दिया, जबकि इसे 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त होना था।
पत्र के अनुसार, इन कर कटौती के विस्तार से राष्ट्रीय ऋण में 2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की वृद्धि होने का अनुमान है। ये कटौती अस्थिर हैं और सामाजिक सुरक्षा तथा मेडिकेयर जैसे कार्यक्रमों को खतरे में डाल सकती हैं।
| विवरण | मान |
|---|---|
| कर वृद्धि का आरोप | $3,400 प्रति वर्ष |
| वोटों की संख्या | 282 |
| टीसीजेए हस्ताक्षर तिथि | 23 दिसंबर, 2017 |
| मूल समाप्ति तिथि | 31 दिसंबर, 2025 |
| अनुमानित ऋण वृद्धि | $2 ट्रिलियन से अधिक |
प्रभाव
पत्र में चेतावनी दी गई है कि इन कर कटौती के विस्तार से राष्ट्रीय ऋण बढ़ेगा, जिससे भावी पीढ़ियों पर बोझ पड़ सकता है। सामाजिक सुरक्षा और मेडिकेयर जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के वित्तपोषण पर खतरा मंडरा सकता है।
पत्र में कहा गया है कि आरएनसीसी के दावे भ्रामक हैं और मतदाताओं को सच्चाई जानने का अधिकार है। ग्लूसेनकैम्प पेरेज़ को अपने जिले के लिए वित्तीय रूप से जिम्मेदार एजेंट के रूप में चित्रित किया गया है।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि ये कर कटौती जारी रहती हैं, तो राष्ट्रीय ऋण और बढ़ सकता है, जिससे आर्थिक अस्थिरता पैदा हो सकती है। हालांकि, यदि नीति निर्माता इन कटौती को समाप्त करने या संशोधित करने का निर्णय लेते हैं, तो सामाजिक कार्यक्रमों की सुरक्षा संभव हो सकती है।
आरएनसीसी के दावों की सत्यता पर सवाल उठता है, लेकिन इसका कोई ठोस सबूत नहीं है कि वे अपने बयानों को बदलेंगे। यदि मतदाता इन दावों पर विश्वास करते हैं, तो इसका चुनावी प्रभाव पड़ सकता है, लेकिन यह अनिश्चित है।
स्रोत: thereflector.com



