मुख्य तथ्य
- वक्ता
- निक ट्रान, फर्स्ट राउंड के अध्यक्ष और सीएमओ
- फर्स्ट राउंड
- डियाजियो और मेन स्ट्रीट एडवाइजर्स का संयुक्त उद्यम
- पॉडकास्ट
- ब्रेव कॉमर्स
- मेजबान
- रेचल टिपोग्राफ और सारा होफ्सेटर
- मुख्य संदेश
- ब्रांड्स को संस्कृति का पीछा नहीं, उसे बनाना चाहिए
- एआई पर जोर
- एआई को विकास के साधन के रूप में उपयोग करें, न कि केवल उत्पादकता के लिए
पृष्ठभूमि
ब्रेव कॉमर्स पॉडकास्ट की हालिया कड़ी में फर्स्ट राउंड के अध्यक्ष और मुख्य विपणन अधिकारी निक ट्रान ने ब्रांड्स और संस्कृति के बीच संबंधों पर अपने विचार रखे। फर्स्ट राउंड डियाजियो और मेन स्ट्रीट एडवाइजर्स का संयुक्त उद्यम है।
इस एपिसोड में रेचल टिपोग्राफ और सारा होफ्सेटर ने ट्रान से बातचीत की। ट्रान का मानना है कि जो ब्रांड प्रासंगिक बने रहते हैं, वे संस्कृति पर केवल प्रतिक्रिया नहीं देते, बल्कि उसे बनाने में मदद करते हैं।
वर्तमान स्थिति
ट्रान ने कहा कि ब्रांड्स को पारंपरिक विपणन की किताबों से आगे देखना चाहिए। बदलते उपभोक्ता व्यवहार के कारण ब्रांड्स और लोगों के बीच जुड़ाव का तरीका बदल रहा है।
उन्होंने एआई के बारे में कहा कि इसका सबसे बड़ा अवसर केवल दक्षता बढ़ाना नहीं है, बल्कि विपणकों को ऐसे काम करने में सक्षम बनाना है जो पहले संभव नहीं थे। सांस्कृतिक प्रासंगिकता बनाने के लिए यह सोचना जरूरी है कि ब्रांड कहां और कैसे दिखता है।
प्रभाव
ट्रान के अनुसार, जो ब्रांड एआई को केवल उत्पादकता के साधन के रूप में नहीं, बल्कि विकास के साधन के रूप में उपयोग करेंगे, वे भविष्य के लिए बेहतर स्थिति में होंगे। इससे विपणन क्षेत्र में काम करने वाले पेशेवरों और ब्रांड प्रबंधकों पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि बदलाव के दौर में नेताओं के लिए प्रचुरता की मानसिकता (एबंडेंस माइंडसेट) प्रतिस्पर्धात्मक लाभ हो सकती है। यह दृष्टिकोण संगठनों के भीतर निर्णय लेने और रणनीति बनाने के तरीके को प्रभावित कर सकता है।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि ब्रांड्स ट्रान के सुझाव को अपनाते हैं और संस्कृति निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाते हैं, तो वे उपभोक्ताओं के साथ गहरा जुड़ाव बना सकते हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यह रणनीति सभी क्षेत्रों में समान रूप से कारगर होगी।
एआई के क्षेत्र में, यदि विपणक इसे विकास के साधन के रूप में उपयोग करते हैं, तो नए अभियान और उपभोक्ता अनुभव संभव हो सकते हैं। लेकिन यदि वे इसे केवल लागत कम करने के रूप में देखते हैं, तो अवसर सीमित रह सकते हैं।
प्रचुरता की मानसिकता को अपनाने वाले नेताओं के लिए, यह दृष्टिकोण टीमों को प्रेरित करने और नवाचार को बढ़ावा देने में सहायक हो सकता है। फिर भी, इसका प्रभाव संगठन की विशिष्ट परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
स्रोत: adweek.com



