मुख्य तथ्य
- तारीख
- 5 अगस्त 2026
- मौसम विभाग
- IMD ने कई राज्यों में मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है
- राष्ट्रव्यापी अवकाश
- कोई राष्ट्रव्यापी अवकाश घोषित नहीं
- प्रभावित क्षेत्र
- देहरादून, उत्तराखंड, केरल, असम, दिल्ली-एनसीआर, महाराष्ट्र (कोंकण और घाट क्षेत्र)
- अधिकार
- जिला कलेक्टर अंतिम समय में स्कूल अवकाश घोषित कर सकते हैं
पृष्ठभूमि
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 5 अगस्त 2026 को कई राज्यों में मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। देश के कई हिस्सों में लगातार भारी बारिश के कारण स्कूलों के बंद रहने की संभावना को लेकर अभिभावक और छात्र इंतजार कर रहे हैं।
हालांकि, अभी तक किसी राष्ट्रव्यापी अवकाश की घोषणा नहीं की गई है। जिला प्रशासन स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और यदि बारिश गंभीर होती है या जलभराव से सामान्य जनजीवन प्रभावित होता है, तो अंतिम समय में आदेश जारी किए जा सकते हैं।
वर्तमान स्थिति
देहरादून और उत्तराखंड के कई जिलों में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। IMD ने पहाड़ी राज्य में और अधिक बारिश की संभावना जताई है, खासकर दूरदराज के इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। भूस्खलन, नदियों के उफान और सड़क बंद होने के जोखिम को देखते हुए जिला प्रशासन प्रभावित जिलों में स्कूल अवकाश घोषित कर सकता है।
केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय रहने से व्यापक बारिश जारी है। कई जिलों में भारी बारिश के साथ जलभराव और नदियों का जलस्तर बढ़ने की सूचना है। यदि IMD ऑरेंज या रेड अलर्ट जारी करता है और स्थानीय प्रशासन स्थिति को छात्रों के लिए असुरक्षित मानता है, तो जिला कलेक्टर प्रभावित जिलों में स्कूल अवकाश घोषित कर सकते हैं।
असम में भी कई क्षेत्रों में अनियमित भारी बारिश हो रही है। निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है, जबकि कुछ जिलों में नदियों के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। यदि भारी बारिश से यातायात बाधित होता है या छात्रों की सुरक्षा को खतरा पैदा होता है, तो अधिकारी प्रभावित जिलों में भौतिक कक्षाएं स्थगित कर सकते हैं।
दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद में आसमान में बादल छाए रहने और कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। फिलहाल व्यापक स्कूल बंद रहने की उम्मीद नहीं है, लेकिन सुबह के समय स्थानीय जलभराव और यातायात जाम से इनकार नहीं किया जा सकता। जब तक संबंधित जिला प्रशासन की ओर से आधिकारिक सलाह जारी नहीं होती, स्कूल सामान्य रूप से चलने की संभावना है।
उत्तराखंड, केरल और असम के अलावा महाराष्ट्र (कोंकण और घाट क्षेत्र) समेत कई अन्य राज्यों में भी बारिश की गतिविधियां जारी रहने की उम्मीद है। IMD के अनुसार, उत्तर, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में सक्रिय मानसून की स्थिति जारी रहने की संभावना है, जिससे अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
| राज्य/क्षेत्र | मौसम पूर्वानुमान | स्कूल अवकाश की संभावना |
|---|---|---|
| उत्तराखंड (देहरादून, नैनीताल, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल) | भारी बारिश की संभावना | हो सकता है, यदि स्थिति बिगड़ती है |
| केरल | व्यापक बारिश, जलभराव | हो सकता है, यदि ऑरेंज/रेड अलर्ट जारी हो |
| असम | अनियमित भारी बारिश, बाढ़ का खतरा | हो सकता है, यदि यातायात बाधित हो |
| दिल्ली-एनसीआर (नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद, फरीदाबाद) | हल्की से मध्यम बारिश | फिलहाल स्कूल खुलने की उम्मीद |
| महाराष्ट्र (कोंकण और घाट क्षेत्र) | बारिश की गतिविधियां | स्थानीय प्रशासन निर्णय ले सकता है |
प्रभाव
यदि जिला प्रशासन स्कूल बंद करने का आदेश जारी करता है, तो प्रभावित जिलों के छात्रों और अभिभावकों को स्कूल नहीं जाना होगा। देहरादून, नैनीताल, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल और आसपास के जिलों में छात्रों को सलाह दी गई है कि वे जिला प्रशासन के आधिकारिक नोटिफिकेशन की जांच करते रहें।
बाढ़, भूस्खलन या भारी बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में स्कूलों के बंद रहने से शैक्षणिक कार्यक्रम प्रभावित हो सकते हैं। साथ ही, छात्रों को बाढ़-प्रभावित, पहाड़ी या भूस्खलन-संभावित क्षेत्रों से यात्रा करते समय सावधानी बरतने और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
आगे की संभावना
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
फिलहाल देश के अधिकांश हिस्सों में स्कूल खुले रहने की उम्मीद है। हालांकि, यदि 5 अगस्त की रात या सुबह के समय बारिश तेज होती है, तो जिला कलेक्टर अंतिम समय में स्कूल अवकाश घोषित कर सकते हैं। ऐसे में छात्रों और अभिभावकों को स्कूल जाने से पहले आधिकारिक सरकारी नोटिफिकेशन देखने की सलाह दी गई है।
यदि IMD ऑरेंज या रेड अलर्ट जारी करता है और स्थानीय प्रशासन स्थिति को असुरक्षित मानता है, तो केरल और उत्तराखंड के कुछ जिलों में स्कूल बंद रह सकते हैं। इसी तरह, असम में यदि बाढ़ की स्थिति गंभीर होती है, तो प्रभावित जिलों में कक्षाएं स्थगित की जा सकती हैं। हालांकि, यह पूरी तरह से मौसम की स्थिति और जिला प्रशासन के निर्णय पर निर्भर करेगा।
स्रोत: jagranjosh.com



