मुख्य तथ्य
- मामला
- Rush v. GreatBanc Trust Co., 7वीं सर्किट, 17 जुलाई 2026
- विवादित लेनदेन
- दिसंबर 2016 में ESOP-स्वामित्व वाली sg360° की बिक्री
- निचली अदालत
- जिला न्यायाधीश एंड्रिया वुड ने सभी दावे खारिज किए
- मुख्य सिद्धांत
- हितों के टकराव के अभाव में ERISA न्यासी के निर्णयों को न्यायिक छूट
- प्रतिनिधित्व
- GreatBanc और बोर्ड के सदस्यों का प्रतिनिधित्व जैक्सन लुईस द्वारा
पृष्ठभूमि
अमेरिकी सेवेंथ सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स ने हाल ही में Rush v. GreatBanc Trust Co. मामले में फैसला सुनाया, जिसमें ESOP (कर्मचारी स्टॉक स्वामित्व योजना) के तहत स्वामित्व वाली कंपनी sg360° की दिसंबर 2016 में हुई बिक्री को चुनौती दी गई थी। यह मामला कंपनी के पूर्व उपाध्यक्ष (विनिर्माण) द्वारा दायर किया गया था, जिन्होंने आरोप लगाया कि ESOP ट्रस्टी GreatBanc और sg360° के बोर्ड ने कंपनी को प्रतिस्पर्धियों को बेचकर या बिक्री प्रक्रिया को अलग तरीके से संचालित करके बेहतर मूल्य प्राप्त किया होता।
याचिकाकर्ता ने यह भी दावा किया कि बिक्री के बाद sg360° के सीईओ का कंपनी में निवेश जारी रखना ERISA (कर्मचारी सेवानिवृत्ति आय सुरक्षा अधिनियम) के तहत एक 'निषिद्ध लेनदेन' था। तीन सप्ताह के बेंच ट्रायल के बाद, जिला न्यायाधीश एंड्रिया वुड ने याचिकाकर्ता के सभी दावों को खारिज कर दिया, जिसके बाद यह अपील की गई।
वर्तमान स्थिति
सेवेंथ सर्किट ने जिला अदालत के फैसले को बरकरार रखा और पाया कि न्यायाधीश वुड के तथ्यात्मक निष्कर्ष पर्याप्त रूप से समर्थित थे। कोर्ट ने याचिकाकर्ता की अपील को खारिज कर दिया, जिसमें मामले को दोबारा सुनवाई के लिए भेजने की मांग की गई थी। इसके अलावा, कोर्ट ने कई व्यापक सिद्धांत स्थापित किए।
कोर्ट ने 'सुस्थापित ट्रस्ट कानून सिद्धांतों' को लागू करते हुए कहा कि जब कोई हितों का टकराव नहीं होता, तो ESOP लेनदेन में ERISA न्यासी के निर्णयों को न्यायिक छूट मिलनी चाहिए। यह सिद्धांत सभी प्रकार के ESOP लेनदेन में स्वतंत्र ट्रस्टी के निर्णयों पर लागू होगा। इस मामले में, Segerdahl बोर्ड और ESOP के हित संरेखित थे क्योंकि दोनों को ESOP के स्वामित्व वाली कंपनी की ऊंची कीमत से वित्तीय लाभ हुआ।
कोर्ट ने यह भी माना कि GreatBanc की सावधानीपूर्वक और निष्पक्ष जांच ने ERISA के तहत अपने न्यासी कर्तव्य को पूरा किया, जिसमें sg360° के निवेश बैंकर JPMorgan के निर्णय पर भरोसा करना शामिल था, जो बिक्री मूल्य को अधिकतम करने के लिए वित्तीय रूप से प्रोत्साहित था। इसके अलावा, कोर्ट ने यह धारणा खारिज कर दी कि बिक्री के बाद sg360° के सीईओ का निवेश जारी रखना स्वतः निषिद्ध लेनदेन है।
| पक्ष | भूमिका | परिणाम |
|---|---|---|
| Rush (पूर्व उपाध्यक्ष) | याचिकाकर्ता | दावे खारिज |
| GreatBanc Trust Company | ESOP ट्रस्टी | निर्णय बरकरार |
| Segerdahl Corporation (sg360°) बोर्ड | प्रतिवादी | निर्णय बरकरार |
| JPMorgan | निवेश बैंकर | निर्णय पर भरोसा |
प्रभाव
इस फैसले का सीधा प्रभाव ESOP के स्वामित्व वाली कंपनियों और उनके बोर्ड सदस्यों तथा ट्रस्टियों पर पड़ेगा। कोर्ट ने ESOP कंपनियों की बिक्री में आम प्रथाओं को न्यायिक मान्यता दी है, जिससे ये कंपनियां निराधार मुकदमों से सुरक्षित रहेंगी। ट्रस्टियों और बोर्ड सदस्यों को भी इससे लाभ होगा, क्योंकि उनके निर्णयों को अब अदालतों में अधिक छूट मिलेगी।
दूसरा प्रभाव ESOP कंपनियों के खरीदारों पर पड़ सकता है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि सीईओ के बिक्री के बाद निवेश को निषिद्ध लेनदेन माना जाता है, तो ESOP कंपनियां खरीदारों के लिए कम आकर्षक होंगी, क्योंकि खरीदार उम्मीद करते हैं कि वरिष्ठ प्रबंधक कंपनी के प्रति प्रतिबद्ध रहेंगे। इस प्रकार, यह फैसला ESOP कंपनियों की बिक्री को सुगम बना सकता है।
भविष्य का परिदृश्य
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि यह सिद्धांत अन्य सर्किटों में भी अपनाया जाता है, तो ESOP लेनदेन में न्यासी के निर्णयों को अधिक छूट मिल सकती है, जिससे इस तरह के मुकदमों में कमी आ सकती है। हालांकि, यह संभावना है कि कुछ मामलों में अदालतें हितों के टकराव की स्थिति में अलग दृष्टिकोण अपना सकती हैं।
यदि सुप्रीम कोर्ट इस मुद्दे पर सुनवाई करता है, तो यह स्पष्ट कर सकता है कि क्या यह मानक सभी ESOP लेनदेन पर लागू होगा। फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि अन्य न्यायालय इस फैसले का अनुसरण करेंगे या नहीं। फिर भी, यह फैसला ESOP कंपनियों के लिए सकारात्मक संकेत है, क्योंकि यह उन्हें अनुचित मुकदमों से बचा सकता है।
स्रोत: natlawreview.com



