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‘मैं मदद चाहती हूं’: लिंडसे क्लैंसी की डायरी के अंश तिहरे हत्या मुकदमे में जूरी के सामने पेश

मैसाचुसेट्स की अदालत में लिंडसे क्लैंसी के खिलाफ तिहरे हत्या के मुकदमे में जूरी ने उसकी डायरी के अंश सुने, जिसमें उसने चिंता, अनिद्रा और अवसाद का जिक्र किया। बचाव पक्ष का तर्क है कि वह प्रसवोत्तर मनोविकृति से पीड़ित थी।

‘मैं मदद चाहती हूं’: लिंडसे क्लैंसी की डायरी के अंश तिहरे हत्या मुकदमे में जूरी के सामने पेश
Graphic: Amrit Khabar NewsroomImage rights policy

मुख्य तथ्य

मामला
लिंडसे क्लैंसी पर तीन बच्चों की हत्या का आरोप
घटना की तारीख
24 जनवरी
पीड़ित बच्चे
कोरा (5), डॉसन (3), कैलन (आठ माह)
बचाव पक्ष का तर्क
प्रसवोत्तर मनोविकृति, आपराधिक जिम्मेदारी नहीं
डायरी की अवधि
13 अक्टूबर 2022 से 18 जनवरी 2023
गवाह
ट्रूपर कोरी मेलो, डॉ. झिलम बिस्वास, डॉ. सेजल शाह

पृष्ठभूमि

मैसाचुसेट्स के डक्सबरी में 24 जनवरी को लिंडसे क्लैंसी ने अपने तीन बच्चों की हत्या कर दी थी और फिर आत्महत्या का प्रयास किया था। मृतक बच्चों में कोरा (5 वर्ष), डॉसन (3 वर्ष) और कैलन (आठ माह) शामिल हैं। घटना के बाद क्लैंसी ने दो मंजिला इमारत से कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया, जिससे वह लकवाग्रस्त हो गई।

अभियोजन पक्ष ने क्लैंसी पर तिहरे हत्याकांड का आरोप लगाया है। बचाव पक्ष ने हत्या से इनकार नहीं किया है, लेकिन उसके वकील केविन रेडिंगटन का तर्क है कि क्लैंसी प्रसवोत्तर मनोविकृति से पीड़ित थी और इसलिए वह इन मौतों के लिए आपराधिक रूप से जिम्मेदार नहीं है।

मुकदमे की वर्तमान स्थिति

सोमवार को मुकदमे की सुनवाई के दौरान जूरी ने क्लैंसी की डायरी के अंश सुने, जो उसके डक्सबरी स्थित घर से बरामद हुई थी। मैसाचुसेट्स के अधिकारियों ने इन डायरियों को सबूत के तौर पर पेश किया। राज्य पुलिस के ट्रूपर कोरी मेलो ने डायरियों की समीक्षा की और उनमें दर्ज दवाओं के ब्योरे समेत अन्य जानकारी पर अदालत में गवाही दी।

डायरी के कई अंश बिना तारीख के थे, जबकि कुछ 13 अक्टूबर 2022 से 18 जनवरी 2023 के बीच लिखे गए थे। प्लायमाउथ के सहायक जिला अधिवक्ता शैनन बकिंघम ने कुछ अंश पढ़े, जिनमें क्लैंसी ने अपनी चिंता, अनिद्रा और अवसाद का जिक्र किया। एक अंश में उसने लिखा, 'मैं खुद से, समय और वास्तविकता से कटी हुई महसूस कर रही हूं।'

बचाव पक्ष के वकील रेडिंगटन ने ट्रूपर मेलो से पूछताछ करते हुए कई अन्य अंशों की ओर इशारा किया, जिन्हें अभियोजन पक्ष ने नहीं पढ़ा था। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्लैंसी ने कैलन की नींद के कार्यक्रम को लेकर जुनून की बात उसके स्लीप ट्रेनिंग के संदर्भ में लिखी थी, जिसमें उसे रात में बच्चे को रोने देना पड़ता था। क्लैंसी ने लिखा था कि यह प्रक्रिया उसे अप्राकृतिक लगती थी, लेकिन डॉक्टरों ने उसे बताया था कि यह सही है।

डायरी प्रविष्टियों की तारीखें और विवरण
तारीख विवरण
13 अक्टूबर 2022डायरी प्रविष्टियों की शुरुआत
18 नवंबरलिखा: 'मेरा दिमाग कुछ शारीरिक रूप से गलत करने की कोशिश कर रहा है'
18 जनवरी 2023अंतिम ज्ञात प्रविष्टि
कई प्रविष्टियां बिना तारीख के हैं।

प्रभाव

डायरी के अंशों से पता चलता है कि क्लैंसी अपनी मानसिक स्थिति से जूझ रही थी। उसने लिखा, 'मैं मदद चाहती हूं, मैं ठीक होना चाहती हूं।' उसने बताया कि वह तीन बच्चों की देखभाल से अभिभूत थी और हर दिन 'डूबने' जैसा महसूस करती थी। उसने यह भी लिखा कि वह काम पर लौटना चाहती थी, लेकिन 'पागलपन भरे दिमागी कोहरे' के कारण डरती थी कि वह मैस जनरल अस्पताल में नर्स की नौकरी नहीं कर पाएगी।

अदालत में क्लैंसी के इलाज करने वाले डॉक्टरों की गवाही भी दर्ज की गई। ब्रिघम एंड विमेन्स अस्पताल की मनोचिकित्सक डॉ. झिलम बिस्वास ने बताया कि हत्या के दो दिन बाद क्लैंसी अस्पताल में भर्ती थी और उसे इंट्यूबेट किया गया था। वह बेहद चिंतित और थकी हुई थी। व्हाइटबोर्ड पर लिखकर उसने अपनी मनोदशा 'भयभीत' बताई थी। एक अन्य मनोचिकित्सक डॉ. सेजल शाह ने बताया कि क्लैंसी ने अपना मेडिकल प्रॉक्सी अपने पति से बदलकर माता-पिता को करने को कहा था और 'डू नॉट रिससिटेट' (डीएनआर) आदेश मांगा था, लेकिन डॉक्टरों ने उसकी मानसिक स्थिति के कारण इसे मंजूरी नहीं दी।

आगे की संभावनाएं

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

मुकदमे का फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि जूरी यह मानती है कि क्लैंसी प्रसवोत्तर मनोविकृति के कारण अपने कृत्य के लिए जिम्मेदार नहीं थी या नहीं। यदि जूरी बचाव पक्ष के तर्क से सहमत होती है, तो क्लैंसी को आपराधिक रूप से उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता है, जिससे उसे मानसिक स्वास्थ्य उपचार मिल सकता है।

यदि जूरी अभियोजन पक्ष के पक्ष में फैसला सुनाती है, तो क्लैंसी को तिहरे हत्या के लिए दोषी ठहराया जा सकता है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि अभियोजन पक्ष मौत की सजा की मांग करेगा या नहीं। मुकदमे की अगली सुनवाई में और सबूत पेश किए जा सकते हैं, जिससे फैसले में कई हफ्ते लग सकते हैं।

स्रोत: macombdaily.com

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