मुख्य तथ्य
- औसत वर्षा
- 16.8 मिमी
- अगस्त में अब तक वर्षा
- 20.3 मिमी (LPA 27 मिमी)
- वर्षा घाटा
- 25 प्रतिशत
- सबसे अधिक वर्षा वाला जिला
- पटियाला (62.8 मिमी)
- सबसे कम वर्षा वाले जिले
- तरन तारन, बठिंडा, फिरोजपुर
- सूखा जिला
- मोगा
पृष्ठभूमि
पंजाब में मानसून की सक्रियता के बीच पिछले 24 घंटों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। कुछ अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ बहुत भारी बारिश और तेज हवाएं चलीं, जिससे राज्य का मासिक वर्षा घाटा, जो 77 प्रतिशत तक पहुंच गया था, काफी कम हो गया।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य में औसतन 16.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। अगस्त के पहले चार दिनों में पंजाब में 20.3 मिमी बारिश हुई, जबकि इस अवधि के लिए दीर्घकालिक औसत (LPA) 27 मिमी है, जिससे इस महीने अब तक 25 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
वर्तमान स्थिति
IMD के आंकड़ों के अनुसार, 1 से 4 अगस्त के बीच पटियाला सबसे अधिक वर्षा वाला जिला रहा, जहां 62.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद रोपड़ में 60 मिमी और पठानकोट में 41 मिमी बारिश हुई। मोगा इकलौता ऐसा जिला है जो अगस्त में सूखा रहा, जबकि तरन तारन, बठिंडा और फिरोजपुर में सबसे कम बारिश दर्ज की गई।
फरीदकोट, फाजिल्का, मुक्तसर, पटियाला और रोपड़ को छोड़कर सभी जिलों में वर्षा LPA से कम रही। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में दिन और रात दोनों का तापमान सामान्य रहा। सबसे अधिक अधिकतम तापमान बठिंडा में 39.4 डिग्री सेल्सियस और सबसे कम न्यूनतम तापमान पटियाला में 23.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
| जिला | वर्षा (मिमी) |
|---|---|
| पटियाला | 62.8 |
| रोपड़ | 60 |
| पठानकोट | 41 |
प्रभाव
IMD ने पंजाब में मानसूनी गतिविधि को 'सामान्य' बताते हुए 5 और 6 अगस्त को राज्य में काफी व्यापक बारिश की संभावना जताई है, कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद 10 अगस्त तक छिटपुट से अलग-अलग स्थानों पर बारिश की उम्मीद है। हिमाचल प्रदेश से सटे राज्य की पूर्वी सीमा के क्षेत्रों में अन्य हिस्सों की तुलना में अधिक बारिश होने की संभावना है।
मौसम प्रणालियों के प्रभाव से हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में 10 अगस्त तक काफी व्यापक से व्यापक बारिश के साथ कुछ स्थानों पर गरज और बिजली चमकने की संभावना है। इससे किसानों को फसलों के लिए राहत मिल सकती है, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
आगे की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि मौसम विभाग का पूर्वानुमान सही रहता है, तो अगले दो दिनों में राज्य में व्यापक बारिश से वर्षा घाटा और कम हो सकता है। हालांकि, यदि बारिश की तीव्रता कम रहती है, तो अगस्त के अंत तक घाटा बना रह सकता है।
पूर्वी सीमा के जिलों में अधिक बारिश की संभावना के कारण वहां बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जबकि अन्य जिलों में सामान्य स्थिति बनी रहने की संभावना है। यदि पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण मजबूत रहते हैं, तो 10 अगस्त के बाद भी बारिश जारी रह सकती है।
स्रोत: tribuneindia.com
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अगस्त 1-4, 2026 के दौरान पंजाब के प्रमुख जिलों में वर्षा
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सटीक आंकड़े देखें
| श्रेणी | वर्षा (मिमी) |
|---|---|
| पटियाला | 62.8 |
| रोपड़ | 60 |
| पठानकोट | 41 |
स्रोत:tribuneindia.com स्रोत-समर्थित



