मुख्य तथ्य
- लेखक
- जिम कराबात्सोस
- प्रकाशन तिथि
- 4 अगस्त 2026
- मुख्य विषय
- भाषा और पहचान का संबंध
- उदाहरण
- 2010 में दस अंतिम संस्कार
- यूनानी शब्द
- फिलोतिमो
- पारिवारिक स्थिति
- सबसे बड़ा पोता अंग्रेजी पसंद करता है
पृष्ठभूमि
जिम कराबात्सोस, जो पांच साल की उम्र में बिना अंग्रेजी जाने मेलबर्न के स्कूल पहुंचे थे, ने अपने अनुभव साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि 2010 में उनके पिता की मृत्यु के वर्ष उन्होंने दस अंतिम संस्कारों में भाग लिया। इनमें से कई ऐसे लोगों के थे जिनके साथ उनका रिश्ता अंग्रेजी में साफ तौर पर परिभाषित नहीं किया जा सकता था।
कराबात्सोस ने यूनानी शब्द 'फिलोतिमो' का जिक्र किया, जिसका शाब्दिक अर्थ 'सम्मान का प्रेम' है, लेकिन यह आतिथ्य, सामुदायिक जुड़ाव, व्यक्तिगत सम्मान और सामाजिक दायित्वों को समेटे हुए है। उन्होंने कहा कि यह शब्द इतना गहरा है कि इसे परिभाषित करना मुश्किल है, जैसे 'भारी' शब्द को परिभाषित करना।
वर्तमान स्थिति
कराबात्सोस ने बताया कि मेलबर्न में बोली जाने वाली यूनानी भाषा में कई मूल शब्द संरक्षित हैं, जबकि ग्रीस में अंग्रेजी शब्दों का प्रचलन बढ़ गया है। उदाहरण के लिए, 'कूलरे' ने 'कूल डाउन' और 'मी स्ट्रेसारिस' ने 'डोंट स्ट्रेस' की जगह ले ली है। प्रवासी समुदाय ने इन मूल शब्दों को बनाए रखा है।
उन्होंने अपने परिवार का उदाहरण देते हुए बताया कि उनकी सबसे बड़ी बेटी सबसे अच्छी यूनानी बोलती है, क्योंकि स्कूल जाने से पहले उन्होंने उससे केवल यूनानी में बात की। उनके सभी बच्चों ने 12वीं कक्षा तक यूनानी स्कूल पूरा किया, लेकिन वयस्क होने पर वे कहते हैं कि काश उन्होंने और सीखा होता। उनका सबसे बड़ा पोता तीन साल का है और अंग्रेजी पसंद करता है।
| यूनानी शब्द | अंग्रेजी विकल्प |
|---|---|
| कूलरे | कूल डाउन |
| मी स्ट्रेसारिस | डोंट स्ट्रेस |
प्रभाव
कराबात्सोस ने कहा कि भाषा खोने से सिर्फ शब्दावली नहीं जाती, बल्कि फिलोतिमो जैसी मूल्य प्रणाली भी चली जाती है। यह वह दायित्व तंत्र है जो रिश्तों को जोड़ता है। उन्होंने अपने पिता की मृत्यु वाले दिन का उदाहरण दिया, जब एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को दफनाने के बाद उनके घर शोक मनाने आया। यह फिलोतिमो की स्वाभाविक अभिव्यक्ति थी।
उन्होंने कहा कि अंग्रेजी में भावनाओं को समझाया जा सकता है, लेकिन यूनानी में उन्हें महसूस कराया जा सकता है। एक लोकप्रिय यूनानी गीत 'ओ एतोस' (द ईगल) की पंक्ति का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि अंग्रेजी अनुवाद सटीक है, लेकिन यूनानी श्रोता को उस पंक्ति से गहरा भावनात्मक जुड़ाव महसूस होता है, जो अंग्रेजी में संभव नहीं।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
कराबात्सोस ने कहा कि भाषा का नुकसान धीरे-धीरे होता है और यह विफलता नहीं, बल्कि आत्मसातीकरण का हिस्सा है। यदि यही रुझान जारी रहा, तो आने वाली पीढ़ी उस भाषा को नहीं समझ पाएगी जो उनके दादा-दादी ने एक गीत में सुनी थी।
हालांकि, यह संभावना है कि प्रवासी समुदाय में यूनानी भाषा के प्रति जागरूकता बढ़े और मूल शब्दों को संरक्षित करने के प्रयास जारी रहें। यदि ऐसा होता है, तो भाषा के साथ फिलोतिमो जैसे मूल्य भी जीवित रह सकते हैं। लेकिन यदि अंग्रेजी का प्रभुत्व बढ़ता रहा, तो यह संभावना कम हो सकती है।
स्रोत: neoskosmos.com



