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बाघ की मौत मामले में दो गिरफ्तार

आंध्र प्रदेश के नल्लामाला वन क्षेत्र में बाघ की संदिग्ध मौत के सिलसिले में वन विभाग ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

अमरावती, 4 अगस्त: आंध्र प्रदेश के नल्लामाला वन क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में बाघ की मौत के मामले में वन विभाग ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि अंजी और विरंजनेयुलु नामक इन व्यक्तियों को गुंटूर जिले के मेडिकुंडूर से गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए मार्कापुरम जिले के गिद्दलूर ले जाया गया।

यह कार्रवाई उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के निर्देशों के बाद तेज की गई जांच के तहत की गई है। बता दें कि 31 जुलाई को नागार्जुनसागर-श्रीशैलम टाइगर रिजर्व (एनएसटीआर) के राचेरला वन क्षेत्र में गुंडलकम्मा रेंज के तेतु मदुगु के पास एक वयस्क बाघ का शव मिला था।

वन अधिकारी जांच कर रहे हैं कि बाघ की मौत शिकार, जहरीले चारे के सेवन या अन्य कारणों से हुई है। जांचकर्ताओं को संदेह है कि बाघ की मौत शव मिलने से 35 से 40 दिन पहले हुई थी। बाघ के पंजे और पैर गायब थे, जिससे अवैध व्यापार के लिए पंजे निकाले जाने की आशंका जताई जा रही है।

बाघ के अवशेषों को फोरेंसिक और पोस्टमार्टम जांच के लिए हैदराबाद स्थित सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (सीसीएमबी) और बरेली स्थित इंडियन वेटरनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईवीआरआई) भेजा गया है। जांचकर्ता मौत का कारण निर्धारित करने के लिए फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।

उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने 1 अगस्त को एनएसटीआर में बाघ की मौत की जांच के आदेश दिए थे। उन्होंने कहा था कि एक भी बाघ की जान का नुकसान गंभीर चिंता का विषय है और यह घटना जंगलों और वन्यजीवों की रक्षा की जिम्मेदारी की याद दिलाती है। उन्होंने एनएसटीआर के फील्ड निदेशक को व्यापक और पारदर्शी जांच के निर्देश दिए हैं।

स्रोत: prokerala.com

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