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क्रिस्टोफर नोलन ने फिल्म समीक्षा की 'मूलभूत खामी' पर की बात

क्रिस्टोफर नोलन ने शौकिया फिल्म समीक्षा की आलोचना करते हुए कहा कि तंत्र की पहचान कर लेने मात्र से वह अमान्य नहीं हो जाता। उन्होंने 'द ओडिसी' और फिल्म निर्माण की आम भाषा पर भी चर्चा की।

मुख्य तथ्य

निर्देशक
क्रिस्टोफर नोलन
आयु
56 वर्ष
नवीनतम फिल्म
'द ओडिसी'
मुख्य कलाकार
मैट डेमन (ओडीसियस), टॉम हॉलैंड, ज़ेंडाया, ऐनी हैथवे, चार्लीज़ थेरॉन, रॉबर्ट पैटिन्सन, लुपिटा न्योंगो
तकनीक
कटिंग-एज आईमैक्स तकनीक
शूटिंग स्थान
कई अंतरराष्ट्रीय स्थान

पृष्ठभूमि

लॉस एंजिलिस, 4 अगस्त (आईएएनएस)। प्रख्यात फिल्म निर्माता क्रिस्टोफर नोलन, जिन्होंने हाल ही में होमर की महाकाव्य कविता पर आधारित फिल्म 'द ओडिसी' का निर्देशन किया है, का मानना है कि शौकिया फिल्म समीक्षा में कुछ खामियां होती हैं।

56 वर्षीय निर्देशक ने हाल ही में पॉडकास्टर झोंग शू के साथ बातचीत में शौकिया फिल्म देखने वालों की आम आलोचनाओं का जवाब दिया।

वर्तमान स्थिति

नोलन ने कहा, "फिल्मों पर अक्सर यह आरोप लगाया जाता है कि 'पात्र को सहानुभूतिपूर्ण बनाने के लिए उसे विभिन्न तरीकों से बदला या हेरफेर किया जाता है'। यह फिल्म समीक्षा या कहानी कहने की आलोचना की एक मूलभूत खामी है, क्योंकि तंत्र की पहचान कर लेने मात्र से वह अमान्य नहीं हो जाता।"

उन्होंने आगे कहा, "मैं मुख्य रूप से शौकिया आलोचना के बारे में सोच रहा हूं, क्योंकि वे सोचते हैं कि उन्होंने तंत्र की पहचान कर ली है, इसलिए वह अमान्य हो जाता है। यह कुछ तत्वों के लिए सही हो सकता है, और फिल्म व्याकरण, फिल्म भाषा इसी के साथ विकसित होती है। जब कोई ट्रोप दर्शकों के लिए बहुत परिचित हो जाता है, तो उसे बदलना पड़ता है। लेकिन हम फिल्म निर्माता उस आम भाषा का उपयोग करते हैं। हम उस समझ पर निर्माण करते हैं। हमारे दर्शकों ने कई फिल्में देखी हैं और वे उस भाषा को समझते हैं।"

प्रभाव

नोलन की यह टिप्पणी फिल्म समीक्षा के बदलते परिदृश्य में महत्वपूर्ण मानी जा सकती है, जहां सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफार्मों ने शौकिया समीक्षकों को बड़ा मंच दिया है। उनके विचार फिल्म निर्माताओं और समीक्षकों के बीच संवाद को प्रभावित कर सकते हैं।

उनकी फिल्म 'द ओडिसी' में ओडीसियस की यात्रा को दिखाया गया है, जो ट्रोजन युद्ध के बाद इथाका लौटने के दौरान पौराणिक प्राणियों, दैवीय हस्तक्षेपों और खतरनाक चुनौतियों का सामना करता है। यह फिल्म दर्शकों और समीक्षकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

भविष्य की संभावनाएं

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

यदि नोलन की यह टिप्पणी फिल्म समीक्षा के क्षेत्र में व्यापक बहस को जन्म देती है, तो शौकिया समीक्षक अपनी आलोचना के तरीके पर पुनर्विचार कर सकते हैं। इससे फिल्म निर्माताओं और दर्शकों के बीच बेहतर समझ विकसित हो सकती है।

हालांकि, यह संभावना भी है कि यह बहस केवल कुछ समय के लिए चर्चा में रहे और फिल्म उद्योग पर इसका स्थायी प्रभाव न पड़े। आने वाले समय में यह देखना होगा कि नोलन के विचार फिल्म समीक्षा के अभ्यास को किस हद तक प्रभावित करते हैं।

स्रोत: ianslive.in

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