मुख्य तथ्य
- आरोप
- राज ठाकरे ने सिद्धिविनायक मंदिर में सालाना ₹18 करोड़ के गबन का आरोप लगाया
- निलंबित कर्मचारी
- 46 कर्मचारी निलंबित
- गिरफ्तार कर्मचारी
- 9 कर्मचारी गिरफ्तार, सभी जमानत पर बाहर
- जांच की मांग
- एंटी-करप्शन ब्यूरो और महाराष्ट्र विधि एवं न्याय विभाग से जांच की मांग
- दान में वृद्धि
- साप्ताहिक दान ₹45-50 लाख से बढ़कर ₹98 लाख
- वार्षिक दान
- 2022-23 में ₹106 करोड़, 2023-24 में ₹114 करोड़, 2024-25 बजट ₹134.35 करोड़, मार्च 2026 में ₹182 करोड़
पृष्ठभूमि
मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में दान संग्रह में अनियमितताओं का मामला सामने आया है। ट्रस्ट बोर्ड ने सोमवार (3 अगस्त, 2026) को पत्रकार वार्ता में स्वीकार किया कि दान संग्रह में खामियां थीं और उन्होंने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) तथा महाराष्ट्र विधि एवं न्याय विभाग से जांच की मांग की है।
यह कदम महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे द्वारा रविवार (2 अगस्त, 2026) को लगाए गए आरोपों के बाद उठाया गया है। राज ठाकरे ने आरोप लगाया था कि सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल ₹18 करोड़ की दान राशि गबन की जा रही है। उन्होंने यह भी दावा किया था कि अयोध्या के राम मंदिर में ₹1,400 करोड़ की चोरी हुई है।
वर्तमान स्थिति
सिद्धिविनायक ट्रस्ट बोर्ड के अध्यक्ष सदानंद शंकर सरवणकर ने बताया कि दान संग्रह में कुछ खामियों का उपयोग किया जा रहा था, जिन्हें रोक दिया गया है। दर्शन के लिए पैसे लेना बंद कर दिया गया है। मंदिर परिसर में घूमने वाले दलालों से पैसे मांगना बंद कराया गया है। मंदिर के कर्मचारियों और सुरक्षा गार्डों को दर्शन के लिए गूगल पे से भुगतान किया जाता था, जिसे भी रोक दिया गया है।
ट्रस्ट ने बताया कि अब तक 46 कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है, जबकि नौ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। ट्रस्टी राहुल तुकाराम लोंढे ने बताया कि दो साल पहले दान की गिनती हर बुधवार को नियमित रूप से की जाती थी और उसी दिन दान एक बैग में भर दिया जाता था। दो साल पहले साप्ताहिक दान ₹45-50 लाख था, जबकि अब ₹98 लाख साप्ताहिक मिल रहा है।
| वर्ष | दान राशि |
|---|---|
| 2022-23 | ₹106 करोड़ |
| 2023-24 | ₹114 करोड़ |
| 2024-25 (बजट) | ₹134.35 करोड़ |
| मार्च 2026 (बजट) | ₹182 करोड़ |
प्रभाव
ट्रस्ट बोर्ड के अनुसार, 2022-23 में वार्षिक दान संग्रह ₹106 करोड़ था, जो 2023-24 में बढ़कर ₹114 करोड़ हो गया। सितंबर 2024 में ट्रस्ट बोर्ड ने 2024-25 के लिए बजट ₹134.35 करोड़ देखा था, जबकि इस साल मार्च में बजट ₹182 करोड़ था। लोंढे ने कहा कि यह दान में हुई वृद्धि है।
इसी कारण ट्रस्ट ने एसीबी के विश्वास नानगरे पाटिल को पत्र लिखकर जांच की मांग की है कि पहले दान इतना कम क्यों था और नए ट्रस्ट बोर्ड के गठन के बाद इसमें वृद्धि क्यों हुई। सरवणकर ने बताया कि नौ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया था, जो दान पेटी को तीसरी मंजिल पर ले जाकर पैसे निकालते थे। पुराने कर्मचारियों को सीसीटीवी में पकड़ा गया और हटाया गया, नए कर्मचारियों को भी सीसीटीवी में पकड़ा गया और पुलिस को सूचना दी गई। ये कर्मचारी एक पूर्व शिवसेना (यूबीटी) विधायक के अधीन कार्यरत थे।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि एसीबी जांच में अनियमितताओं की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है और दान संग्रह प्रणाली में और सुधार किए जा सकते हैं। ट्रस्ट बोर्ड ने दान की राशि का सही उपयोग सुनिश्चित करने की बात कही है, चाहे वह ₹1,000 हो या ₹1।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि जांच कब पूरी होगी और क्या इससे दान संग्रह में और वृद्धि होगी या नहीं। यदि ट्रस्ट द्वारा बताए गए सुधारों को बनाए रखा जाता है, तो दान संग्रह में पारदर्शिता बढ़ सकती है, लेकिन इसकी पुष्टि के लिए आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार करना होगा।
स्रोत: thehindu.com
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वार्षिक दान संग्रह में वृद्धि
मार्च 2026 (बजट)182 ₹ करोड़
सटीक आंकड़े देखें
| श्रेणी | दान राशि |
|---|---|
| 2022-23 | 106 ₹ करोड़ |
| 2023-24 | 114 ₹ करोड़ |
| 2024-25 (बजट) | 134.35 ₹ करोड़ |
| मार्च 2026 (बजट) | 182 ₹ करोड़ |
स्रोत:स्रोत: सिद्धिविनायक ट्रस्ट बोर्ड स्रोत-समर्थित



