मुख्य तथ्य
- स्रोत
- एंटनी लोएवेनस्टीन की रिपोर्ट
- दावा
- एक प्रमुख नियोकन ने हिलेरी क्लिंटन का समर्थन किया
- उद्देश्य
- डेमोक्रेटिक प्रशासन के तहत नियोकंस की शक्ति बहाल करना
- वोल्फोविट्ज़ का इस्तीफा
- विश्व बैंक से पॉल वोल्फोविट्ज़ का जाना नियोकंस के अंत के रूप में देखा गया
- रिटर की टिप्पणी
- नियोकंस को 'राजनीतिक परजीवी' कहा गया
पृष्ठभूमि
टाइम्स ऑनलाइन की सारा बैक्सटर के अनुसार, विश्व बैंक से पॉल वोल्फोविट्ज़ के जाने को नियोकंस के प्रभाव के अंत के रूप में देखा जा रहा है। नियोकंस को एक-एक करके उनके प्रभाव और विश्वास के पदों से हटा दिया गया है।
रिपब्लिकन पार्टी का आधार 2008 के चुनाव के लिए बुश के उत्तराधिकारी की तलाश में जुटा है। इस बीच, स्कॉट रिटर ने नियोकंस को 'राजनीतिक परजीवी' करार दिया है, जिनका लक्ष्य पूरी तरह से वैचारिक है और किसी पार्टी के प्रति उनकी कोई निष्ठा नहीं है।
वर्तमान स्थिति
रिपोर्ट में कहा गया है कि एक प्रमुख नियोकन ने हिलेरी क्लिंटन के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में समर्थन किया है। ऐसा माना जाता है कि यह समर्थन इसलिए है क्योंकि उन्हें लगता है कि हिलेरी के राष्ट्रपति बनने से नियोकंस डेमोक्रेटिक प्रशासन के तहत अपनी शक्ति फिर से स्थापित कर सकेंगे।
ब्लॉग जगत में पिछले कुछ महीनों से यह भविष्यवाणी की जा रही थी कि नियोकंस डेमोक्रेटिक पार्टी के माध्यम से वापसी कर सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह आशंका सच होती दिख रही है।
प्रभाव
यदि हिलेरी क्लिंटन राष्ट्रपति बनती हैं, तो नियोकंस को सत्ता में वापसी का अवसर मिल सकता है। इसका असर अमेरिकी विदेश नीति पर पड़ सकता है, जिसमें मध्य पूर्व और अन्य क्षेत्रों में सैन्य हस्तक्षेप की नीतियां फिर से सक्रिय हो सकती हैं।
नियोकंस की वापसी से रिपब्लिकन पार्टी के भीतर विभाजन और गहरा सकता है, क्योंकि पार्टी का एक वर्ग उन्हें अस्वीकार कर चुका है। साथ ही, डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर भी विरोध हो सकता है, क्योंकि कई पार्टी कार्यकर्ता नियोकंस की विचारधारा के खिलाफ हैं।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि हिलेरी क्लिंटन को डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से उम्मीदवार बनाया जाता है और वे चुनाव जीतती हैं, तो नियोकंस को सरकार में महत्वपूर्ण पद मिल सकते हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि वे किस हद तक प्रभाव डाल पाएंगे।
यदि हिलेरी चुनाव नहीं जीतती हैं, तो नियोकंस की वापसी की संभावना कम हो सकती है। वैकल्पिक रूप से, यदि डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर नियोकंस विरोधी तत्व मजबूत होते हैं, तो हिलेरी को उनका समर्थन वापस लेना पड़ सकता है। फिलहाल, यह देखना बाकी है कि नियोकंस रिपब्लिकन पार्टी की राख से उठ पाएंगे या नहीं।
स्रोत: antonyloewenstein.com



