मुख्य तथ्य
- सर्वेक्षण
- कैनरी टेक्नोलॉजीज
- मेहमानों का प्रतिशत जो टिप देना चाहते हैं
- 79%
- कर्मचारियों का अनुमान कि कितने मेहमान टिप देते हैं
- 30%
- गैर-टिप देने वालों का प्रतिशत जो डिजिटल विकल्प होने पर टिप देते
- 70% से अधिक
- लेखक
- डोरोन ड्रेयर, ग्रैटिफ़आईडी के सह-संस्थापक और सीईओ
पृष्ठभूमि
होटल उद्योग में वैलेट कर्मचारी मेहमानों की पहली और आखिरी छाप बनाते हैं। वे स्वागत से लेकर सामान उठाने, सवालों के जवाब देने और हर मौसम में वाहन लाने-ले जाने तक की सेवा करते हैं। परंपरागत रूप से, इन कर्मचारियों की आय का एक बड़ा हिस्सा टिप पर निर्भर रहा है, क्योंकि मेहमान उन्हें व्यक्तिगत रूप से देखते हैं।
हालांकि, पिछले दस वर्षों में कैशलेस भुगतान के बढ़ते उपयोग ने इस परंपरा को चुनौती दी है। पहले जहां मेहमान हाथ मिलाते समय कुछ डॉलर के नोट दे देते थे, अब वे अक्सर नकदी न होने के कारण असमंजस में पड़ जाते हैं। यह स्थिति होटल उद्योग के सबसे दृश्यमान कर्मचारियों को प्रभावित कर रही है।
वर्तमान स्थिति
कैनरी टेक्नोलॉजीज के एक सर्वेक्षण के अनुसार, 79% होटल मेहमान मानते हैं कि होटल कर्मचारियों को टिप मिलनी चाहिए, लेकिन कर्मचारियों का अनुमान है कि केवल 30% मेहमान ही वास्तव में टिप देते हैं। सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि 70% से अधिक गैर-टिप देने वाले मेहमानों ने कहा कि यदि डिजिटल विकल्प उपलब्ध होता तो वे टिप देते।
वैलेट कर्मचारियों के लिए यह अंतर महत्वपूर्ण है। हाउसकीपिंग कर्मचारियों के विपरीत, जो अक्सर मेहमानों से नहीं मिलते, वैलेट्स का बार-बार आमना-सामना होता है। इस कारण वे बेल स्टाफ और खाद्य-पेय कर्मचारियों के साथ सबसे अधिक टिप पाने वालों में रहे हैं। लेकिन अब केवल दृश्यता ही टिप की गारंटी नहीं है।
कई होटलों ने क्यूआर कोड के माध्यम से डिजिटल टिपिंग शुरू की है, लेकिन इसमें अतिरिक्त चरण शामिल हैं। मेहमान को कोड ढूंढना, कैमरा खोलना, स्कैन करना, ब्राउज़र लोड होने का इंतजार करना और भुगतान पृष्ठ पर जाना पड़ता है। हर अतिरिक्त चरण भागीदारी को कम करता है।
| विवरण | प्रतिशत |
|---|---|
| मेहमान जो मानते हैं कि कर्मचारियों को टिप मिलनी चाहिए | 79% |
| मेहमान जो वास्तव में टिप देते हैं (कर्मचारियों के अनुसार) | 30% |
| गैर-टिप देने वाले जो डिजिटल विकल्प होने पर टिप देते | 70% से अधिक |
प्रभाव
डिजिटल टिपिंग की कमी से वैलेट कर्मचारियों की आय प्रभावित हो रही है, जिससे उनका मनोबल और नौकरी में बने रहने की इच्छा घट सकती है। श्रम होटल उद्योग की सबसे बड़ी परिचालन चुनौतियों में से एक है। भर्ती महंगी है, प्रशिक्षण समय लेता है, और हर इस्तीफा शेष कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव डालता है।
यदि होटल डिजिटल टिपिंग की सुविधा प्रदान करते हैं, तो कर्मचारियों की कमाई बिना पेरोल लागत बढ़ाए बढ़ सकती है, जिससे प्रतिधारण में सुधार हो सकता है। बहु-संपत्ति प्रबंधन कंपनियों के लिए, यह लाभ तेजी से बढ़ता है, क्योंकि वे सभी होटलों में एक समान लाभ प्रदान कर सकते हैं।
मेहमानों के लिए भी स्थिरता महत्वपूर्ण है। यात्री अब मोबाइल चेक-इन, डिजिटल रूम की और मोबाइल फूड ऑर्डरिंग जैसे संपर्क रहित अनुभवों की उम्मीद करते हैं। टिपिंग भी उतनी ही सहज होनी चाहिए, चाहे वे किसी भी होटल में ठहरें।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि होटल उद्योग एनएफसी (नियर फील्ड कम्युनिकेशन) तकनीक को अपनाता है, तो टिपिंग प्रक्रिया और अधिक सहज हो सकती है। एनएफसी-सक्षम बैज या क्रेडेंशियल पर टैप करके मेहमान आसानी से टिप दे सकते हैं, जैसे वे खुदरा दुकानों पर भुगतान करते हैं। यह तेज़, अधिक सहज और अधिक सुरक्षित हो सकता है।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि कितने होटल जल्द ही एनएफसी तकनीक में निवेश करेंगे। यदि उद्योग क्यूआर कोड पर निर्भर रहता है, तो टिपिंग में भागीदारी सीमित रह सकती है। दूसरी ओर, यदि डिजिटल टिपिंग व्यापक रूप से अपनाई जाती है, तो यह कर्मचारी प्रतिधारण और मेहमानों की संतुष्टि में सुधार कर सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल टिपिंग को केवल नकदी का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए, बल्कि यह होटल उद्योग की सबसे पुरानी परंपराओं को संरक्षित करने का एक तरीका है। यदि होटल कर्मचारियों में निवेश करते हैं, तो यह उनके समग्र अनुभव को बेहतर बना सकता है।
स्रोत: hotelnewsresource.com



