मुख्य तथ्य
- बैठक
- BRICS भ्रष्टाचार विरोधी कार्य समूह की दूसरी बैठक
- स्थान
- हैदराबाद, तेलंगाना
- अवधि
- दो दिवसीय
- थीम
- बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी
- पहली बैठक
- 2-3 जून 2026, वर्चुअल
- साइड इवेंट
- 5 अगस्त 2026 को 'एथिकल गवर्नेंस थ्रू इनोवेशन एंड टेक-ड्रिवन सिस्टम्स'
पृष्ठभूमि
भारत की BRICS अध्यक्षता के तहत हैदराबाद में BRICS भ्रष्टाचार विरोधी कार्य समूह और BRICS विशेषज्ञ नेटवर्क ऑन एसेट रिकवरी की दूसरी बैठक शुरू हुई। यह दो दिवसीय बैठक 'बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी' थीम पर आयोजित की जा रही है।
इस बैठक में सदस्य देशों के वरिष्ठ अधिकारी, नीति निर्माता, विशेषज्ञ और कानून प्रवर्तन एजेंसियां भाग ले रही हैं। बैठक का उद्देश्य सीमापार भ्रष्टाचार और फरार अपराधियों के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और तकनीकी एकीकरण को बढ़ाना है।
यह बैठक पहली BRICS भ्रष्टाचार विरोधी कार्य समूह की बैठक के निष्कर्षों पर आधारित है, जो 2-3 जून 2026 को वर्चुअल रूप से आयोजित की गई थी।
वर्तमान स्थिति
बैठक के दौरान, भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की सचिव रचना शाह ने भ्रष्टाचार से निपटने के लिए भारत की रणनीति पर प्रकाश डाला। उन्होंने संस्थागत सुदृढ़ीकरण, विधायी सुधार और डिजिटल पहलों के संयोजन पर जोर दिया।
रचना शाह ने कहा, 'भारत ने सुशासन को मजबूत करने, जवाबदेही लाने और भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए कई पहल की हैं। सरकारी ई-मार्केटप्लेस और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण इसके उदाहरण हैं। हाल ही में हमने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम को भी और मजबूत किया है।'
रूसी प्रतिनिधिमंडल ने भारत की अध्यक्षता की सराहना की और कहा कि क्षेत्रीय और मंच-विशिष्ट पहल व्यापक अंतरराष्ट्रीय तंत्रों के साथ व्यावहारिक मूल्य जोड़ती हैं। रूसी प्रतिनिधि एलेक्सी मुराटोव ने कहा, 'भारत इस साल इस पहल की अध्यक्षता कर रहा है और उन्होंने व्यावहारिक उपाय बनाने में अच्छे परिणाम हासिल किए हैं।'
प्रभाव
इस बैठक का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना और सीमापार प्रवर्तन के लिए सहयोगी तंत्र स्थापित करना है। रूसी प्रतिनिधि ओल्गा मोखोवा ने कहा कि सदस्य देशों को समान चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और ज्ञान के आदान-प्रदान से इनसे निपटने में मदद मिल सकती है।
बैठक में संपत्ति की वसूली, सीमापार भ्रष्टाचार से निपटने और शासन में पारदर्शिता व जवाबदेही बढ़ाने पर चर्चा होगी। इससे सदस्य देशों को भ्रष्टाचार के खिलाफ अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इन चर्चाओं के ठोस परिणाम क्या होंगे और क्या सदस्य देशों के बीच सहमति बन पाएगी।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
बैठक के दौरान 5 अगस्त 2026 को 'एथिकल गवर्नेंस थ्रू इनोवेशन एंड टेक-ड्रिवन सिस्टम्स' नामक एक साइड इवेंट आयोजित किया जाएगा। इसमें डिजिटल सार्वजनिक खरीद, नागरिक जुड़ाव, पारदर्शिता और जवाबदेही जैसे विषयों पर अनुभव साझा किए जाएंगे।
यदि सदस्य देश तकनीकी एकीकरण और सीमापार सहयोग पर सहमत होते हैं, तो भ्रष्टाचार से निपटने में महत्वपूर्ण प्रगति हो सकती है। हालांकि, यह संभावना इस बात पर निर्भर करेगी कि सदस्य देश अपनी प्रतिबद्धताओं को कितनी गंभीरता से लेते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि साइड इवेंट में ठोस सिफारिशें सामने आती हैं, तो भविष्य में BRICS देशों में तकनीक-आधारित शासन को बढ़ावा मिल सकता है। लेकिन यह देखना बाकी है कि इन सिफारिशों को कैसे लागू किया जाएगा।
स्रोत: newkerala.com



