मार्केट

बाज़ार डेटा लोड हो रहा है…

विलंबित भाव
लाइव टीवी
राजनीति

एआई मॉडल से सस्ती फुट हेल्थ तकनीक संभव: अध्ययन

क्वींसलैंड विश्वविद्यालय के नेतृत्व में हुए अध्ययन में एआई मॉडल विकसित किया गया है जो पैर के आकार और कुछ दबाव बिंदुओं से विस्तृत फुट प्रेशर मैप बना सकता है। इससे दूरदराज के इलाकों में कम लागत में फुट हेल्थ निगरानी संभव हो सकेगी।

एआई मॉडल से सस्ती फुट हेल्थ तकनीक संभव: अध्ययन
Graphic: Amrit Khabar NewsroomImage rights policy

मुख्य तथ्य

शोधकर्ता
क्वींसलैंड विश्वविद्यालय, iOrthotics, Healthia Limited, QUT
प्रकाशन
सेंसर्स पत्रिका
प्रतिभागी
35
सर्वोत्तम प्रदर्शन
16 शारीरिक लैंडमार्क
न्यूनतम लैंडमार्क
2 (तुलनीय परिणाम)
अनुदान
$2.2 मिलियन CRC-P अनुदान

पृष्ठभूमि

क्वींसलैंड विश्वविद्यालय (UQ) के शोधकर्ताओं ने iOrthotics और उसकी मूल कंपनी Healthia के साथ मिलकर एक एआई मॉडल विकसित किया है जो पैर के आकार और कुछ शारीरिक दबाव बिंदुओं के आधार पर विस्तृत फुट प्रेशर मैप तैयार कर सकता है। यह अध्ययन सेंसर्स पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।

यह शोध UQ के स्कूल ऑफ मैकेनिकल एंड माइनिंग इंजीनियरिंग के शोधकर्ताओं द्वारा किया गया, जिसमें iOrthotics और Healthia Limited का सहयोग रहा। इसका उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए बेहतर ऑर्थोटिक तकनीक विकसित करना है।

वर्तमान स्थिति

अध्ययन में 35 प्रतिभागियों के पैर की शारीरिक जानकारी और प्लांटार प्रेशर माप का उपयोग करके एक कृत्रिम तंत्रिका नेटवर्क ढांचा तैयार किया गया। यह मॉडल केवल 16 शारीरिक 'लैंडमार्क' के साथ सबसे अच्छा प्रदर्शन करता है, और केवल 2 लैंडमार्क के साथ भी तुलनीय परिणाम देता है।

UQ के एमेरिटस प्रोफेसर मार्टिन वीड्ट ने कहा कि प्लांटार प्रेशर विश्लेषण का उपयोग पैर के कार्य, संतुलन, चाल और पैर के स्वास्थ्य का आकलन करने के लिए व्यापक रूप से किया जाता है। हालांकि, मौजूदा तरीके अक्सर महंगे और दूरदराज के क्षेत्रों में दुर्गम होते हैं।

यह शोध 2.2 मिलियन डॉलर के संघीय सरकार के सहकारी अनुसंधान केंद्र परियोजनाओं (CRC-P) अनुदान द्वारा समर्थित था, जिसमें QUT के शोधकर्ता भी शामिल थे।

अध्ययन की मुख्य जानकारी
विवरण मान
प्रतिभागियों की संख्या35
सर्वोत्तम प्रदर्शन के लिए लैंडमार्क16
न्यूनतम लैंडमार्क2
अनुदान राशि$2.2 मिलियन
सभी आंकड़े स्रोत से सीधे लिए गए हैं।

प्रभाव

इस शोध का सबसे बड़ा प्रभाव यह हो सकता है कि पैर के स्वास्थ्य डेटा को कहीं भी एकत्र किया जा सकेगा, जिसमें वे पृथक समुदाय भी शामिल हैं जहां स्वास्थ्य परिणाम खराब हैं और सेवाएं सीमित हैं। इससे मधुमेह पैर अल्सर और विच्छेदन जैसी जटिलताओं की जल्द पहचान में मदद मिल सकती है।

हेल्थिया की ग्रुप चीफ एजुकेशन एंड रिसर्च ऑफिसर केरी इवांस ने कहा कि पैर की जटिलताएं व्यक्तियों और स्वास्थ्य प्रणालियों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालती हैं। उनका लक्ष्य व्यावहारिक, किफायती तकनीकों का विकास करना है जो चिकित्सकों को पैर के कार्य को बेहतर ढंग से समझने और समस्याओं की जल्द पहचान करने में मदद करें।

भविष्य की संभावनाएं

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

शोधकर्ताओं का कहना है कि नैदानिक आबादी और वास्तविक दुनिया की सेटिंग्स में और अधिक शोध की आवश्यकता है। यदि यह तकनीक परिपक्व होती है, तो यह कम लागत वाले फुट हेल्थ मॉनिटरिंग उपकरणों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यह मॉडल विभिन्न नैदानिक स्थितियों में कितना प्रभावी होगा। यदि आगे के अध्ययन सफल रहते हैं, तो यह दूरदराज के क्षेत्रों में पैर की देखभाल में सुधार ला सकता है, लेकिन इसके लिए अभी और शोध की आवश्यकता है।

स्रोत: miragenews.com

इस समाचार को साझा करें