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Police bust cross-border burglary gang in Telangana; two Bangladeshi nationals, one Indian arrested

अदिलाबाद पुलिस ने मावला बर्गलरी मामले में अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया। दो बांग्लादेशी नागरिकों और एक भारतीय को गिरफ्तार किया गया। आरोपी नौ साल से कई राज्यों में घरों और वाहनों की चोरी कर रहे थे।

Police bust cross-border burglary gang in Telangana; two Bangladeshi nationals, one Indian arrested
Graphic: Amrit Khabar NewsroomImage rights policy

मुख्य तथ्य

गिरफ्तार आरोपी
दो बांग्लादेशी नागरिक और एक भारतीय
मुख्य आरोपी
मोहम्मद जौनी अली (उर्फ जानी अली), 30 वर्षीय इलेक्ट्रीशियन
सक्रिय अवधि
लगभग नौ वर्ष (2015 से)
बरामद संपत्ति का मूल्य
लगभग 8 लाख रुपये
बरामद सोना
73.05 ग्राम (50.75 ग्राम अदिलाबाद मामले से, 22.30 ग्राम नागपुर मामले से)
मुख्य आरोपी पर मामले
आठ से अधिक आपराधिक मामले

पृष्ठभूमि

अदिलाबाद जिला पुलिस ने मावला पुलिस स्टेशन क्षेत्र के कैलाश नगर में एक प्रमुख राजनीतिक नेता के आवास पर हुई चोरी के मामले में अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने दो बांग्लादेशी नागरिकों और एक भारतीय सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

जिला पुलिस अधीक्षक अखिल महाजन, आईपीएस के अनुसार, यह गिरोह पिछले लगभग नौ वर्षों से सक्रिय था और भारत के कई राज्यों में घरों की चोरी और दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था।

वर्तमान स्थिति

पुलिस ने सोमवार को जिला पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी मोहम्मद जौनी अली (उर्फ जानी अली) है, जो बांग्लादेश के दिनाजपुर जिले के परबतीपुर का 30 वर्षीय इलेक्ट्रीशियन है और वर्तमान में राजस्थान के जयपुर में रह रहा था। उसके साथी मोहम्मद रुमान अली (33 वर्ष) भी बांग्लादेश के दिनाजपुर का रहने वाला है, जबकि तीसरा आरोपी तरुण सिंह (29 वर्ष) मध्य प्रदेश के भोपाल के मिसरोद का फल व्यापारी है।

जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी 2015 से राजस्थान, ओडिशा, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना सहित कई राज्यों में घरों की चोरी और दोपहिया वाहन चोरी में शामिल रहा है। वह कथित तौर पर अवैध रूप से भारत में दाखिल हुआ और फर्जी आधार कार्ड बनवाया।

पुलिस ने आरोपियों से 73.05 ग्राम सोना (जिसमें अदिलाबाद मामले से जुड़े 50.75 ग्राम और नागपुर के एक अलग मामले से जुड़े 22.30 ग्राम शामिल हैं), 151.30 ग्राम चांदी, 4,270 रुपये नकद, पांच आईफोन, दो सैमसंग मोबाइल, एक आईपैड और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। बरामद संपत्ति की कुल कीमत लगभग 8 लाख रुपये आंकी गई है।

बरामद सामान और उनकी मात्रा
वस्तु मात्रा/विवरण
सोना73.05 ग्राम
चांदी151.30 ग्राम
नकद4,270 रुपये
आईफोन5
सैमसंग मोबाइल2
आईपैड1
मोटरसाइकिल1
बरामद संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत लगभग 8 लाख रुपये है।

प्रभाव

इस गिरोह का भंडाफोड़ होने से कई राज्यों में हुई चोरी की घटनाओं का खुलासा हो सकता है। मुख्य आरोपी मोहम्मद जौनी अली देश के विभिन्न राज्यों में आठ से अधिक आपराधिक मामलों में शामिल है, जबकि तरुण सिंह छह से अधिक मामलों में शामिल है।

पुलिस को संदेह है कि यह गिरोह 12 से 15 बांग्लादेशी साथियों के बड़े नेटवर्क का हिस्सा है, जो इसी तरह से अवैध रूप से भारत में घुसकर चोरी करते हैं और वापस बांग्लादेश भाग जाते हैं। इस गिरफ्तारी से ऐसे अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी में मदद मिल सकती है।

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अवैध विदेशी नागरिकों और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाले अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय आपराधिक गिरोहों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

भविष्य की संभावनाएं

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

यदि पुलिस को अन्य सहयोगियों के बारे में और जानकारी मिलती है, तो वे गिरोह के बाकी सदस्यों को जल्द गिरफ्तार कर सकते हैं। पुलिस उन लोगों की भी तलाश कर रही है जिन्होंने आरोपियों के भारत में अवैध प्रवास में मदद की और फर्जी दस्तावेज दिलाने में सहायता की।

अन्य राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय बनाए रखा जा रहा है, जिससे आगे की जांच में तेजी आ सकती है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी में कितना समय लगेगा।

यदि सख्त कानूनी कार्रवाई की जाती है, तो इस तरह के अंतरराष्ट्रीय गिरोहों की गतिविधियों पर अंकुश लग सकता है, लेकिन इसकी पुष्टि के लिए और सबूतों की आवश्यकता होगी।

स्रोत: calcuttanews.net

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