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राष्ट्रपति हर्ज़ोग ने गाज़ा शांति प्रयासों का स्वागत किया, हमास के पूर्ण निरस्त्रीकरण पर जोर दिया

इज़राइल के राष्ट्रपति आइज़ैक हर्ज़ोग ने छह नए राजदूतों से मुलाकात की और गाज़ा के लिए बोर्ड ऑफ पीस के प्रयासों की सराहना की, साथ ही हमास के पूर्ण निरस्त्रीकरण को अगले चरण का आधार बताया।

मुख्य तथ्य

दिनांक
3 अगस्त 2026
स्थान
राष्ट्रपति भवन, यरुशलम
राजदूतों की संख्या
छह
देश
जर्मनी, चिली, होंडुरास, नाइजीरिया, जॉर्जिया, श्रीलंका
मुख्य मुद्दा
हमास का पूर्ण निरस्त्रीकरण
योजना
20-सूत्रीय योजना, UNSC द्वारा अपनाई गई

पृष्ठभूमि

इज़राइल के राष्ट्रपति आइज़ैक हर्ज़ोग ने 3 अगस्त 2026 को यरुशलम स्थित राष्ट्रपति भवन में छह नए राजदूतों की नियुक्ति पत्र ग्रहण किए। इनमें जर्मनी, चिली, होंडुरास, नाइजीरिया, जॉर्जिया और श्रीलंका के राजदूत शामिल हैं।

चिली और होंडुरास ने 7 अक्टूबर के बाद पहली बार अपने राजदूत इज़राइल भेजे हैं। यह कदम द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है।

वर्तमान स्थिति

राष्ट्रपति हर्ज़ोग ने गाज़ा पर बोर्ड ऑफ पीस द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए कहा कि यह एक बहुत सकारात्मक कदम है, लेकिन स्पष्ट चेतावनी के साथ कि हमास को पूरी तरह से निरस्त्रीकृत किया जाना चाहिए। उन्होंने इसे अगले चरण में तकनीकी सरकार लाने का आधार बताया।

हर्ज़ोग ने राष्ट्रपति ट्रम्प के नेतृत्व में बोर्ड ऑफ पीस के प्रयासों की सराहना की और उनकी 20-सूत्रीय योजना का उल्लेख किया, जिसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने अपनाया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि हमास पूरी तरह से निरस्त्रीकृत होगा।

राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका, बोर्ड ऑफ पीस, राष्ट्रपति ट्रम्प और बोर्ड के सीईओ निकोलाय म्लादेनोव के प्रयास गाज़ा और इज़राइल के लोगों के लिए आशा की किरण ला सकते हैं। उन्होंने फिलिस्तीनी पड़ोसियों के साथ संवाद की इच्छा भी व्यक्त की।

प्रभाव

चिली और होंडुरास के राजदूतों की वापसी से इज़राइल के साथ उनके संबंधों में सुधार के संकेत मिलते हैं। हर्ज़ोग ने चिली के राष्ट्रपति कास्ट के साथ मई में हुई बैठक का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने राजदूत वापस भेजने की बात कही थी।

होंडुरास के राष्ट्रपति अस्फुरा के साथ हालिया बैठक का हवाला देते हुए हर्ज़ोग ने कहा कि संबंध नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहे हैं। इन कूटनीतिक कदमों से क्षेत्रीय सहयोग को बल मिल सकता है।

जर्मनी, नाइजीरिया, जॉर्जिया और श्रीलंका के साथ संबंधों को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। हर्ज़ोग ने जर्मनी के साथ विशेष संबंधों को दर्दनाक इतिहास से मजबूत साझेदारी तक पहुंचने की बात कही।

भविष्य की संभावनाएँ

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

यदि हमास का पूर्ण निरस्त्रीकरण होता है, तो गाज़ा में तकनीकी सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। हर्ज़ोग ने उम्मीद जताई कि इससे फिलिस्तीनी पड़ोसियों के साथ संवाद के नए रास्ते खुलेंगे।

हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि हमास निरस्त्रीकरण के लिए सहमत होगा या नहीं। यदि ऐसा नहीं होता है, तो शांति प्रक्रिया में ठहराव आ सकता है। बोर्ड ऑफ पीस की योजना की सफलता कई कारकों पर निर्भर करेगी।

आने वाले महीनों में इन कूटनीतिक पहलों का असर देखने को मिल सकता है, लेकिन फिलहाल यह अनिश्चित है कि क्या ये प्रयास ठोस परिणाम देंगे।

स्रोत: globalsecurity.org

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