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PMFBY में जंगली जानवरों से फसल नुकसान के लिए ऐडऑन कवर, राज्य सरकारें वहन करेंगी लागत

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत अब जंगली जानवरों से फसल नुकसान को ऐडऑन कवर के रूप में शामिल किया गया है। यह कवर राज्य सरकारों के अनुरोध पर उपलब्ध होगा और इसका खर्च संबंधित राज्य सरकार वहन करेगी। यह जानकारी कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने लोकसभा में दी।

मुख्य तथ्य

योजना
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)
लागू
वर्ष 2016-17 से
नया प्रावधान
जंगली जानवरों से नुकसान के लिए ऐडऑन कवर
लागत वहन
संबंधित राज्य सरकार
जानकारी
कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर, लोकसभा में

पृष्ठभूमि

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) वर्ष 2016-17 से देश में लागू है और यह राज्यों तथा किसानों के लिए स्वैच्छिक है। योजना के तहत संबंधित राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित फसलों और क्षेत्रों के लिए बुआई पूर्व से फसल कटाई के बाद तक गैर-निवारणीय प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल को होने वाले नुकसान के खिलाफ व्यापक जोखिम बीमा उपलब्ध कराया जाता है।

योजना का उद्देश्य किसानों को गैर-निवारणीय प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले फसल नुकसान से वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है। इसके तहत संबंधित राज्य सरकारों द्वारा अधिसूचित फसल और क्षेत्र के आधार पर बुआई पूर्व से फसलोपरांत अवधि तक जोखिम कवर उपलब्ध कराया जाता है।

वर्तमान स्थिति

जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान को पहले योजना के तहत कवर नहीं किया जाता था, लेकिन अब राज्यों को व्यक्तिगत आकलन के आधार पर इसे ऐडऑन कवर के रूप में अधिसूचित करने की अनुमति दी गई है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तथा राज्य सरकारों के अनुरोध पर जंगली जानवरों द्वारा फसलों को होने वाले नुकसान को ऐडऑन कवर के रूप में शामिल करने की अनुमति दी गई है।

इस कवर का खर्च संबंधित राज्य सरकार को वहन करना होगा। इसके लिए विस्तृत प्रोटोकॉल प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रचालन दिशानिर्देशों में निर्धारित किया गया है। यह जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

प्रभाव

इस निर्णय से उन किसानों को राहत मिल सकती है जिनकी फसलों को जंगली जानवरों से नुकसान होता है। पहले ऐसे नुकसान की भरपाई नहीं होती थी, लेकिन अब राज्य सरकारें अपने स्तर पर इस कवर को अधिसूचित कर सकेंगी।

हालांकि, इस कवर का लाभ तभी मिलेगा जब संबंधित राज्य सरकार इसे लागू करेगी और इसका खर्च भी राज्य सरकार को ही वहन करना होगा। इससे राज्यों के वित्तीय बोझ में वृद्धि हो सकती है, लेकिन किसानों को सुरक्षा मिलेगी।

भविष्य की संभावनाएं

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

यदि राज्य सरकारें इस ऐडऑन कवर को व्यापक रूप से लागू करती हैं, तो जंगली जानवरों से होने वाले फसल नुकसान के मामलों में किसानों को वित्तीय सहायता मिल सकती है। हालांकि, इसके लिए राज्यों की ओर से सक्रिय कदम उठाना आवश्यक होगा।

यह स्पष्ट नहीं है कि कितने राज्य इस कवर को अधिसूचित करेंगे और किस समय सीमा में। यदि राज्य सरकारें इसका लाभ उठाती हैं, तो आने वाले समय में किसानों को जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान से राहत मिल सकती है, लेकिन यह राज्यों के निर्णय पर निर्भर करेगा।

स्रोत: डीडी न्यूज़, प्रसार भारती

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