नई दिल्ली, 4 अगस्त (एएनआई): राष्ट्रमंडल खेलों 2026 की स्वर्ण पदक विजेता मुक्केबाज साक्षी चौधरी ने भारत के रिकॉर्ड-तोड़ मुक्केबाजी अभियान को 'सपने जैसा' बताया। भारत ने ग्लासगो में आयोजित प्रतियोगिता में 10 पदक, जिसमें सात स्वर्ण शामिल हैं, हासिल कर इतिहास रचा।
साक्षी ने महिलाओं के 51 किग्रा वर्ग के फाइनल में इंग्लैंड की रूबी व्हाइट को 5-0 के सर्वसम्मत निर्णय से हराकर स्वर्ण पदक जीता। विश्व चैंपियन जैस्मीन लैम्बोरिया, प्रीति पवार (54 किग्रा), प्रिया घनघस (60 किग्रा), अरुंधती चौधरी (70 किग्रा), सचिन सिवाच (60 किग्रा) और अंकुश पंघल (80 किग्रा) ने भी स्वर्ण पदक जीते। लवलीना बोरगोहेन, जादुमणि सिंह और नरेंद्र बरवाल ने रजत पदक जीतकर भारत के शानदार अभियान को पूरा किया।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रमंडल खेलों के एक ही संस्करण में मुक्केबाजी में किसी भी देश ने इतने स्वर्ण पदक नहीं जीते हैं। साक्षी और पूरे मुक्केबाजी दल को 4 अगस्त को दिल्ली के आईजीआई हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत मिला।
एएनआई से बात करते हुए साक्षी ने कहा, 'यह सपने जैसा लगता है और आप सभी हमारा स्वागत करने आए हैं। हम बहुत अच्छा महसूस कर रहे हैं। यह राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। हमें 10 पदक मिले, जिनमें से 7 स्वर्ण हैं। यह अपने आप में इतिहास है। अब एशियाई खेल हैं और हम उनके लिए तैयारी करेंगे।'
साक्षी के फाइनल मुकाबले में वह पूरे समय नियंत्रण में रहीं, प्रतिद्वंद्वी के हमलों को रोकती रहीं और अपने दाहिने हाथ से तीखे जवाबी मुक्के लगाए। व्हाइट ने अंतिम चरणों में वापसी की कोशिश की, लेकिन साक्षी ने सर्वसम्मत निर्णय से जीत दर्ज की। यह जीत साक्षी के लिए शानदार वर्ष का समापन है, जिन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों के लिए क्वालीफाई करने हेतु भार वर्ग बदला और राष्ट्रीय चयन ट्रायल में दो बार की विश्व चैंपियन निखत ज़रीन को हराया।
स्रोत: bangladeshsun.com



