मुख्य तथ्य
- सनरूफ बिक्री हिस्सेदारी
- 57%
- ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन हिस्सेदारी
- 24% से अधिक
- एसयूवी घरेलू बिक्री हिस्सेदारी
- 68%
- क्रेटा और क्रेटा इलेक्ट्रिक की बिक्री
- 208,000 यूनिट से अधिक
- स्थानीयकरण स्तर
- 83%
- नियोजित लॉन्च (2025-2030)
- 26
पृष्ठभूमि
हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 में खुलासा किया है कि वित्त वर्ष 2026 में सनरूफ से लैस मॉडलों की बिक्री कुल बिक्री का 57% रही। यह आंकड़ा भारतीय कार खरीदारों के बीच प्रीमियम फीचर्स की बढ़ती मांग को दर्शाता है।
कंपनी के अनुसार, ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन वाले वाहनों की बिक्री 24% से अधिक रही। हुंडई के व्होल-टाइम डायरेक्टर और सीओओ डोंग हुवी पार्क ने कहा कि प्रीमियम फीचर्स को लोकतांत्रिक बनाने के प्रयास जारी हैं, जिससे सनरूफ और ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन की स्वीकार्यता बढ़ी है।
वर्तमान स्थिति
वित्त वर्ष 2026 में हुंडई की घरेलू बिक्री में एसयूवी की हिस्सेदारी 68% रही, जिसमें क्रेटा ने अहम भूमिका निभाई। क्रेटा और क्रेटा इलेक्ट्रिक की संयुक्त घरेलू और निर्यात बिक्री 208,000 यूनिट से अधिक रही, जो भारत में किसी मिड-साइज़ एसयूवी की सर्वोच्च वार्षिक बिक्री है।
हुंडई मोटर इंडिया ने वित्त वर्ष 2026 में ओईएम स्तर पर 83% स्थानीयकरण हासिल किया। कंपनी का लक्ष्य 2025 से 2030 के बीच 26 नए लॉन्च करने का है, जिसमें नए मॉडल, फेसलिफ्ट और नए नेमप्लेट शामिल हैं।
| मीट्रिक | मूल्य |
|---|---|
| सनरूफ बिक्री हिस्सेदारी | 57% |
| ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन हिस्सेदारी | 24% से अधिक |
| एसयूवी घरेलू बिक्री हिस्सेदारी | 68% |
| क्रेटा और क्रेटा इलेक्ट्रिक की बिक्री | 208,000 यूनिट से अधिक |
| स्थानीयकरण स्तर | 83% |
प्रभाव
सनरूफ और ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन की बढ़ती स्वीकार्यता से भारतीय कार बाजार में प्रीमियम फीचर्स की मांग का संकेत मिलता है। इससे अन्य वाहन निर्माताओं को भी अपने मॉडलों में ऐसे फीचर्स शामिल करने के लिए प्रेरणा मिल सकती है।
एसयूवी सेगमेंट में हुंडई की मजबूत पकड़ और क्रेटा की सफलता से कंपनी की बाजार हिस्सेदारी को बल मिला है। स्थानीयकरण के उच्च स्तर से विनिर्माण लागत नियंत्रण और आपूर्ति श्रृंखला में स्थिरता बनी रह सकती है।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
हुंडई ने वित्त वर्ष 2027 तक एसयूवी सेगमेंट में दो नए नेमप्लेट लॉन्च करने की योजना बनाई है, जिसमें एक स्थानीयकृत मास इलेक्ट्रिक एसयूवी और एक नई आईसीई एसयूवी शामिल है। यदि ये लॉन्च सफल रहे, तो कंपनी की बाजार स्थिति और मजबूत हो सकती है।
कंपनी स्मार्ट मोबिलिटी सॉल्यूशंस प्रदाता बनने की दिशा में काम कर रही है। यदि इको-फ्रेंडली पावरट्रेन और प्रीमियम फीचर्स की मांग बनी रही, तो हुंडई की बिक्री में और वृद्धि हो सकती है। हालांकि, बाजार की प्रतिस्पर्धा और आर्थिक स्थितियों के आधार पर यह अनिश्चित है।
स्रोत: businesstoday.in



