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ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीते 7 स्वर्ण पदक: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के 13 स्वर्ण पदकों में से 7 हरियाणा के खिलाड़ियों द्वारा जीतने पर बधाई दी। साथ ही हर घर तिरंगा, विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस और गुरु रविदास की 650वीं जयंती समारोह की घोषणा की।

पृष्ठभूमि

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य की खेल उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के प्रदर्शन की सराहना की, जहां भारत 39 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा।

सैनी ने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ियों ने इनमें से 10 पदक जीतकर राज्य को गौरवान्वित किया है। उन्होंने बताया कि भारत के 13 स्वर्ण पदकों में से 7 हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीते, जिनमें पांच बेटियां शामिल हैं।

वर्तमान स्थिति

मुख्यमंत्री ने हर घर तिरंगा अभियान के तहत 9 से 17 अगस्त तक राज्य भर में तिरंगा यात्रा आयोजित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2022 में अमृत महोत्सव के तहत यह अभियान शुरू किया था, जो अब एक जन आंदोलन बन गया है।

इस वर्ष अभियान को वंदे मातरम को समर्पित किया गया है। स्कूलों और कॉलेजों में राष्ट्रीय ध्वज और वंदे मातरम के इतिहास पर प्रदर्शनी लगाई जाएगी, साथ ही निबंध, चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

9 अगस्त को महेंद्रगढ़ में वंदे मातरम की भावना से परिपूर्ण तिरंगा कॉन्सर्ट होगा। 'सेल्फी विद तिरंगा' अभियान भी जारी रहेगा। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से राष्ट्रीय ध्वज को सम्मान के साथ फहराने की अपील की।

प्रभाव

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस 14 अगस्त को पूरे देश में मनाया जाएगा। हरियाणा में गुरुग्राम में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें 13 अगस्त को प्रदर्शनी लगाई जाएगी और 14 अगस्त की शाम को मोमबत्ती जलाकर मौन मार्च निकाला जाएगा।

गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान 29 जुलाई से शुरू होकर 20 फरवरी 2027 तक चलेगा। यह अभियान वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर से शुरू हुआ, जहां पवित्र मिट्टी से भरे कलशों की पूजा कर विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को सौंपे गए।

गुरु रविदास जी की जन्मस्थली से लाई गई पवित्र मिट्टी गुरुग्राम पहुंच चुकी है, जहां माता शीतला मंदिर परिसर में भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया जा रहा है। 5 अक्टूबर से 5 नवंबर तक पंजाब के डेरा सचखंड से वाराणसी तक समरसता यात्रा निकाली जाएगी।

भविष्य की संभावनाएं

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

यदि इन कार्यक्रमों में जनता की सक्रिय भागीदारी होती है, तो युवा पीढ़ी राष्ट्र के गौरवशाली इतिहास से जुड़ सकती है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि हरियाणा के लोग इन कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे।

आगामी तिरंगा यात्रा और प्रतियोगिताओं से देशभक्ति की भावना को बल मिल सकता है। हालांकि, इन आयोजनों की सफलता और उनका दीर्घकालिक प्रभाव अभी स्पष्ट नहीं है, क्योंकि यह जनता की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा।

गुरु रविदास समरसता यात्रा के सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने की संभावना है, लेकिन इसके वास्तविक परिणामों का आकलन यात्रा के समापन के बाद ही किया जा सकेगा।

स्रोत: tribuneindia.com

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