मुख्य तथ्य
- आयोजन
- 2026 चीन-आसियान शिक्षा सहयोग सप्ताह, 28 जुलाई से 2 अगस्त, गुइझोउ
- थाई छात्र
- वोरावित बूनकाते, गुइझोउ विश्वविद्यालय में तीन वर्षीय स्नातकोत्तर, अब ट्रू कॉर्पोरेशन में एआई विशेषज्ञ
- इंडोनेशिया
- बद्री मुनिर सुकोको ने एआई पाठ्यक्रम और उद्योग-शिक्षा एकीकरण में चीन से सीखने की इच्छा जताई
- लाओस
- उप मंत्री दारावोन कित्तिफान्ह ने एआई नैतिकता और मानव-केंद्रित कौशल पर जोर दिया
- शेडोंग विश्वविद्यालय
- वियतनामी छात्रों के लिए बुद्धिमान विनिर्माण कार्यक्रम, पहला बैच 20 छात्र
- गुइझोउ सहयोग
- 90+ संस्थानों से संबंध, 17 प्रशिक्षण केंद्र, 20,900 छात्र
पृष्ठभूमि
चीन और आसियान देशों के बीच शिक्षा सहयोग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) एक नया आयाम बनकर उभर रही है। 28 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक गुइझोउ प्रांत में आयोजित चीन-आसियान शिक्षा सहयोग सप्ताह में इस बात पर सहमति जताई गई कि एआई शैक्षिक साझेदारी को नई दिशा दे रहा है।
इस कार्यक्रम में शिक्षा विभागों के अधिकारियों, विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और क्षेत्र के विशेषज्ञों ने भाग लिया। चीन की तेजी से उन्नत होती तकनीक, एआई अनुसंधान प्रकाशनों की प्रचुरता और सुसज्जित प्रयोगशालाओं को छात्रों के लिए सीखने का उपजाऊ माध्यम बताया गया।
वर्तमान स्थिति
थाईलैंड के युवा वोरावित बूनकाते, जिन्होंने स्नातक स्तर पर संचार इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी, को एआई का कोई पूर्व अनुभव नहीं था। गुइझोउ विश्वविद्यालय में तीन वर्षों के स्नातकोत्तर अध्ययन के बाद वे एक कुशल एआई विशेषज्ञ बन गए हैं। वर्तमान में वे थाई दूरसंचार कंपनी ट्रू कॉर्पोरेशन में दो वर्षों से अधिक समय से कार्यरत हैं और उत्पाद विकास में एआई का उपयोग कर रहे हैं।
इंडोनेशिया के उच्च शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के कार्यवाहक महासचिव बद्री मुनिर सुकोको ने एआई में चीन की ताकत को रेखांकित किया और उम्मीद जताई कि इंडोनेशिया उच्च शिक्षा पाठ्यक्रम में एआई को शामिल करने और उद्योग-शिक्षा एकीकरण को बढ़ावा देने के चीनी अनुभव से सीख सकता है। उन्होंने पारंपरिक चिकित्सा और नई सामग्री के क्षेत्रों में संयुक्त एआई-आधारित पहल की भी परिकल्पना की।
लाओस के शिक्षा और खेल उप मंत्री दारावोन कित्तिफान्ह ने कहा कि एआई शिक्षा और कार्यस्थल को बदल रहा है, इसलिए छात्रों को डिजिटल ज्ञान, आलोचनात्मक सोच, व्यावहारिक कौशल, एआई नैतिकता और मानव-केंद्रित कौशल से लैस करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लाओ विश्वविद्यालय और गुआंग्शी मिन्ज़ू विश्वविद्यालय के बीच साझेदारी से एक एआई विकास केंद्र स्थापित हुआ है।
| विवरण | संख्या |
|---|---|
| सहयोगी संस्थान | 90+ |
| प्रशिक्षण केंद्र | 17 |
| छात्रों की संख्या | 20,900 |
प्रभाव
चीनी विश्वविद्यालय आसियान बाजारों के लिए सीमा पार एआई प्रतिभा तैयार करने हेतु लक्षित प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कर रहे हैं। शेडोंग विश्वविद्यालय ने वियतनामी विश्वविद्यालयों और स्मार्ट हार्डवेयर निर्माता गोएरटेक के साथ मिलकर बुद्धिमान विनिर्माण पर एक विशेष कार्यक्रम शुरू किया है। इस कार्यक्रम के तहत 20 वियतनामी छात्रों के पहले बैच ने शेडोंग विश्वविद्यालय में चार महीने का कोर्स पूरा किया, जिसमें चीनी भाषा और एआई से संबंधित विषय शामिल थे, और अब वे वियतनाम में गोएरटेक की शाखा में कार्यरत हैं।
शंघाई विश्वविद्यालय ने अपने फिल्म, ललित कला और संगीत स्कूलों में 'कला प्लस एआई प्रौद्योगिकी' शिक्षा मॉडल लागू किया है, जिसने कई आसियान छात्रों को आकर्षित किया है। इसके अलावा, थाईलैंड में स्थित कन्फ्यूशियस संस्थान में चीनी भाषा शिक्षण के लिए एआई-सहायता प्राप्त मंच संचालित किया जा रहा है।
हाल के वर्षों में गुइझोउ ने आसियान क्षेत्र और बेल्ट एंड रोड भागीदार देशों के 90 से अधिक विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के साथ आदान-प्रदान और सहयोग संबंध स्थापित किए हैं। प्रांत ने आसियान देशों में स्कूली परियोजनाओं के लिए 17 प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित किए हैं, जहां क्षेत्र से कुल 20,900 छात्रों ने शिक्षा प्राप्त की है।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि चीन और आसियान देशों के बीच एआई-आधारित शैक्षिक सहयोग जारी रहता है, तो यह क्षेत्र में तकनीकी नवाचार और प्रतिभा विकास को और बढ़ावा दे सकता है। इंडोनेशिया और लाओस जैसे देशों की भागीदारी से पारंपरिक चिकित्सा और नई सामग्री जैसे क्षेत्रों में संयुक्त पहल की संभावना है।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि ये कार्यक्रम किस हद तक विस्तारित होंगे और कितने छात्रों को लाभ मिलेगा। यदि चीनी विश्वविद्यालय अपने प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार करते हैं, तो आसियान देशों में एआई विशेषज्ञों की संख्या में वृद्धि हो सकती है। वहीं, यदि सहयोग में बाधाएं आती हैं, तो इसका प्रभाव सीमित रह सकता है।
वोरावित बूनकाते के अनुसार, चीन में अध्ययन का सबसे बड़ा लाभ केवल एआई विशेषज्ञता और चीनी भाषा दक्षता नहीं है, बल्कि चीनी संस्कृति की गहरी समझ और आत्म-अनुशासन भी है, जो उनके करियर विकास के लिए महत्वपूर्ण स्तंभ बन गए हैं।
स्रोत: malaysiasun.com



