प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना नवंबर 2024 से लागू है, जिसका उद्देश्य उच्च शिक्षा के लिए आसान शिक्षा ऋण उपलब्ध कराना है। योजना के तहत निर्धारित गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षण संस्थानों में मेरिट के आधार पर प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों को बिना जमानत और गारंटर के ऋण दिया जाता है।
वर्तमान में 1,425 सरकारी और निजी संस्थान इस योजना के दायरे में हैं। सरकार 7.5 लाख रुपये तक के ऋण पर 75 प्रतिशत क्रेडिट गारंटी देती है। वार्षिक आय 8 लाख रुपये तक वाले परिवारों के विद्यार्थियों को 10 लाख रुपये तक के ऋण पर 3 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी मिलती है।
योजना के लिए 2024-25 से 2030-31 तक 3,600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस अवधि में लगभग 7 लाख नए विद्यार्थियों को ब्याज सब्सिडी का लाभ मिलने की उम्मीद है। आवेदन और शिकायत के लिए एकीकृत डिजिटल पोर्टल उपलब्ध है।
उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात 2014-15 के 23.7 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 में 30 प्रतिशत हो गया है। योजना को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के पहुंच, समानता, गुणवत्ता और सामर्थ्य के लक्ष्यों से जोड़कर देखा जा रहा है।
स्रोत: डीडी न्यूज़, प्रसार भारती



