केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने अरुणाचल प्रदेश की ग्लाव झील को भारत का 101वां रामसर स्थल घोषित किया है। यह राज्य के लिए पहला रामसर स्थल है। मंत्री ने बताया कि इस आर्द्रभूमि में 150 से अधिक वृक्ष प्रजातियां और 49 ऑर्किड प्रजातियां पाई जाती हैं।
रामसर स्थल अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि होती हैं, जिन्हें रामसर कन्वेंशन के तहत संरक्षित किया जाता है। इनमें झीलें, दलदल, नदियां और मैंग्रोव शामिल हैं।
मंत्री यादव ने सोमवार को सोशल मीडिया पर इस विकास को जैव विविधता संरक्षण, जल और जलवायु सुरक्षा तथा सतत आजीविका के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, "2014 में 26 रामसर स्थलों से आज 101 तक की यात्रा पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता दर्शाती है।"
ग्लाव झील कमलांग टाइगर रिजर्व और वन्यजीव अभ्यारण्य के अंतर्गत पूर्वी हिमालय में स्थित एक मीठे पानी की झील है। यह बारहमासी पहाड़ी धाराओं से पोषित होती है और घनी वनस्पति से घिरी है।
स्रोत: डीडी न्यूज़, प्रसार भारती



