मुख्य तथ्य
- घोषणा
- जमशेदपुर एफसी ने आईएसएल से हटने और सीनियर टीम भंग करने की घोषणा की
- कारण
- आगामी सीजन के लिए भागीदारी शुल्क जमा करने की समय सीमा चूक
- सीजन शुरू
- 4 सितंबर
- खिलाड़ियों की अपील
- टाटा समूह से फैसला reconsider करने की अपील
- प्रमुख खिलाड़ी
- प्रोने हलदर, अल्बिनो गोम्स, निखिल बरला
- हलदर का अनुभव
- भारत के लिए 20+ मैच, 2021-22 में लीग विनर्स शील्ड
पृष्ठभूमि
जमशेदपुर एफसी ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) से हट रहा है और सीनियर टीम को भंग कर रहा है। यह फैसला आगामी सीजन के लिए भागीदारी शुल्क जमा करने की समय सीमा चूकने के कुछ घंटों बाद आया। नया सीजन 4 सितंबर से शुरू होने वाला है।
क्लब के खिलाड़ियों, जिनमें दो वरिष्ठ भारतीय फुटबॉलर शामिल हैं, ने टाटा समूह से अपना फैसला reconsider करने की भावनात्मक अपील की है। मिडफील्डर प्रोने हलदर ने पीटीआई से कहा कि यह खबर उनके लिए सदमे जैसी थी और उन्होंने टाटा समूह से आईएसएल में बने रहने का अनुरोध किया।
वर्तमान स्थिति
प्रोने हलदर, जिन्होंने भारत के लिए 20 से अधिक मैच खेले हैं, ने कहा कि जमशेदपुर एफसी उनके लिए भावना है और उन्हें उम्मीद है कि टाटा स्टील और टाटा समूह के प्रमुख अपना फैसला बदलेंगे। 33 वर्षीय हलदर 2021-22 सीजन में क्लब के लीग विनर्स शील्ड जीतने के बाद से जुड़े हैं।
गोलकीपर अल्बिनो गोम्स, जिन्होंने भारत के लिए एक मैच खेला है, ने कहा कि क्लब को बंद करना उनके लिए अस्वीकार्य है। उन्होंने टाटा समूह से फैसला reconsider करने की अपील की, क्योंकि यह भारतीय फुटबॉल के भविष्य से जुड़ा मामला है। युवा मिडफील्डर निखिल बरला ने भी टाटा समूह से युवा खिलाड़ियों के भविष्य के लिए फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया।
| खिलाड़ी | पद | भारत के लिए मैच |
|---|---|---|
| प्रोने हलदर | मिडफील्डर | 20+ |
| अल्बिनो गोम्स | गोलकीपर | 1 |
प्रभाव
क्लब के बंद होने से कई युवा खिलाड़ियों के करियर पर असर पड़ सकता है, जो टाटा फुटबॉल अकादमी (टीएफए) से निकलकर जमशेदपुर एफसी के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे थे। हलदर ने निखिल बरला, पुया, अल्बिनो गोम्स और मोहम्मद सानन जैसे खिलाड़ियों का उदाहरण दिया, जिन्होंने हाल ही में लंदन में यूनिटी कप में राष्ट्रीय सीनियर टीम में जगह बनाई।
गोम्स ने बताया कि क्लब ने उन्हें चोट से उबरने में मदद की और भारतीय फुटबॉल में वापसी का मौका दिया, जिसके बाद उन्होंने भारत के लिए पदार्पण किया। क्लब के बंद होने से ऐसे खिलाड़ियों के लिए अवसर सीमित हो सकते हैं, जो टीएफए और जमशेदपुर एफसी जैसे संस्थानों पर निर्भर हैं।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि टाटा समूह अपना फैसला reconsider करता है, तो क्लब आईएसएल में बना रह सकता है और युवा खिलाड़ियों को अवसर मिलते रहेंगे। हालांकि, यह केवल एक संभावना है, और इस पर कोई पक्का अनुमान नहीं लगाया जा सकता।
यदि फैसला बरकरार रहता है, तो खिलाड़ियों को अन्य क्लबों में स्थानांतरण की तलाश करनी होगी, और टीएफए से निकलने वाले युवाओं के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचने के रास्ते प्रभावित हो सकते हैं। फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि टाटा समूह अपील पर कोई प्रतिक्रिया देगा या नहीं।
स्रोत: theshillongtimes.com



