मुख्य तथ्य
- बयान
- भारत अगले 5-10 वर्षों में BRAVIA टीवी बिक्री में अमेरिका को पीछे छोड़ देगा
- वक्ता
- सोनी कॉर्पोरेशन के वैश्विक प्रमुख नेज़ु डाइसुके
- कारण
- प्रीमियम लार्ज-स्क्रीन टीवी की मांग
- प्रकाशन तिथि
- 4 अगस्त 2026
पृष्ठभूमि
सोनी कॉर्पोरेशन के वैश्विक प्रमुख नेज़ु डाइसुके ने कहा है कि भारत अगले 5 से 10 वर्षों में BRAVIA टेलीविजन की बिक्री में अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए सबसे बड़ा बाजार बन सकता है। यह बयान प्रीमियम लार्ज-स्क्रीन टीवी की बढ़ती मांग के संदर्भ में आया है।
सोनी का BRAVIA ब्रांड वैश्विक स्तर पर प्रीमियम टेलीविजन सेगमेंट में प्रतिष्ठित नाम है। कंपनी का मानना है कि भारतीय बाजार में उपभोक्ताओं का रुझान बड़े स्क्रीन वाले टीवी की ओर बढ़ रहा है, जिससे यह संभावना बलवती होती है।
वर्तमान स्थिति
नेज़ु डाइसुके का यह बयान 4 अगस्त 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट में सामने आया है। उन्होंने कहा कि भारत में प्रीमियम लार्ज-स्क्रीन टीवी की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिससे आने वाले वर्षों में BRAVIA की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि वर्तमान में भारत और अमेरिका के बीच BRAVIA बिक्री का आंकड़ा क्या है। रिपोर्ट में केवल यह अनुमान लगाया गया है कि अगले 5-10 वर्षों में भारत अमेरिका को पीछे छोड़ सकता है।
प्रभाव
यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो सोनी को भारतीय बाजार में अपनी उपस्थिति और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने की आवश्यकता हो सकती है। इससे भारत में प्रीमियम टीवी विनिर्माण और खुदरा क्षेत्र में निवेश बढ़ सकता है।
भारतीय उपभोक्ताओं के लिए इसका मतलब हो सकता है कि उन्हें BRAVIA जैसे प्रीमियम टीवी के अधिक मॉडल और बेहतर कीमतें मिल सकती हैं। साथ ही, प्रतिस्पर्धी ब्रांडों को भी भारतीय बाजार में अपनी रणनीति तेज करनी पड़ सकती है।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि भारत में प्रीमियम लार्ज-स्क्रीन टीवी की मांग इसी गति से बढ़ती रही, तो अगले 5-10 वर्षों में भारत BRAVIA बिक्री में अमेरिका को पीछे छोड़ सकता है। हालांकि, यह अनुमान कई कारकों पर निर्भर करेगा, जैसे आर्थिक वृद्धि, उपभोक्ता खर्च और बाजार में प्रतिस्पर्धा।
यदि भारतीय अर्थव्यवस्था में सुस्ती आती है या उपभोक्ता प्राथमिकताएं बदलती हैं, तो यह समयसीमा बढ़ सकती है। फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि यह परिवर्तन कब तक होगा, लेकिन सोनी के वैश्विक प्रमुख का बयान भारतीय बाजार की क्षमता को दर्शाता है।



