नई दिल्ली, 4 अगस्त (एएनआई): कॉमनवेल्थ खेलों 2026 में पुरुषों की एफ57 शॉट पुट स्पर्धा में भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीतने वाले सेना के हविलदार सोमन राणा का मंगलवार सुबह इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत किया गया।
सोमन ने कहा, 'यह पदक मेरे लिए नहीं, बल्कि देश, सेना और मेरे राज्य के लिए है। मैं खुश हूं। पैरालंपिक में इन दिनों काफी सुधार हो रहा है, जबकि पहले इसके बारे में किसी को पता भी नहीं था। मैं एशियाई खेलों और ओलंपिक की तैयारी कर रहा हूं और वहां भी देश के लिए पदक जीतूंगा।'
ग्लासगो में सोमन ने 13.40 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि उनके हमवतन शुभम जुयाल ने 13.28 मीटर के साथ रजत पदक हासिल किया। यह कॉमनवेल्थ खेलों में इस स्पर्धा में भारत की पहली एक-दो सफलता है।
43 वर्षीय सोमन का करियर दिसंबर 2006 में तब बदल गया जब जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर गोरखा राइफल्स में सेवा के दौरान एक बारूदी सुरंग विस्फोट में उन्होंने एक पैर खो दिया। पुणे के कृत्रिम अंग केंद्र में पुनर्वास के दौरान उन्होंने पैरा एथलेटिक्स की खोज की और 2017 में सेना के पैरालंपिक नोड में शामिल हुए।
सोमन ने टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 पैरालंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। उनके नाम 2022 एशियाई पैरा खेलों में रजत और 2025 विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक शामिल है। भारत ने ग्लासगो में 39 पदक (13 स्वर्ण, 17 रजत, 9 कांस्य) के साथ चौथा स्थान हासिल किया।
स्रोत: vietnamtribune.com



