मुख्य तथ्य
- स्रोत
- लॉस एंजिल्स टाइम्स
- प्रकाशन तिथि
- 4 अगस्त 2026
- लेखक
- जेरेल एज़ेल, शिकागो विश्वविद्यालय मेडिकल सेंटर
- मोटापा दर (LAUSD)
- लगभग 30%
- जीएलपी-1 की वार्षिक लागत
- लगभग $7,000
- मेडिकेड कवरेज वाले राज्य
- 13
पृष्ठभूमि
लॉस एंजिल्स टाइम्स में प्रकाशित एक विश्लेषण के अनुसार, कैलिफोर्निया में मोटापे की महामारी अश्वेत और लातीनी समुदायों को असमान रूप से प्रभावित कर रही है। लॉस एंजिल्स यूनिफाइड स्कूल डिस्ट्रिक्ट के लगभग 30% छात्र अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त हैं, जो लॉस एंजिल्स काउंटी के वयस्कों के आंकड़ों से मेल खाता है।
विश्लेषण में कहा गया है कि अमेरिका में मोटापे की दर अश्वेत और लातीनी आबादी में गोरे लोगों की तुलना में लगातार अधिक है। टाइप 2 मधुमेह का बोझ भी गैर-गोरे लोगों पर अधिक है। स्वस्थ और किफायती भोजन तक सीमित पहुंच तथा शारीरिक गतिविधि को बढ़ावा देने वाले बुनियादी ढांचे की कमी को इसका प्रमुख कारण बताया गया है।
अध्ययनों के अनुसार, जीएलपी-1 दवाएं मोटापे और मधुमेह से जुड़ी समस्याओं को कम करने में प्रभावी हैं, लेकिन नस्लीय अल्पसंख्यकों को इन दवाओं के नुस्खे काफी कम मिलते हैं। यह असमानता उनकी अधिक आवश्यकता के बावजूद बनी हुई है।
वर्तमान स्थिति
विश्लेषण में कहा गया है कि फार्मास्युटिकल कंपनियों ने अश्वेत और लातीनी उपभोक्ताओं को आकर्षित करने के प्रयास किए हैं। 2021 में नोवो नॉर्डिस्क ने कांग्रेसनल ब्लैक कॉकस के सम्मेलन में मोटापे पर एक पैनल प्रायोजित किया था। पिछले साल कंपनी ने नेशनल एसोसिएशन ऑफ हिस्पैनिक नर्सेज के लिए भी इसी तरह का पैनल आयोजित किया था।
2024 में ओपरा विन्फ्रे ने जीएलपी-1 पर एक एबीसी विशेष कार्यक्रम की मेजबानी की थी। 2025 में टेलीहेल्थ कंपनी रो ने टेनिस स्टार सेरेना विलियम्स के साथ साझेदारी की थी। कई अश्वेत और लातीनी सोशल मीडिया प्रभावितों ने भी इन दवाओं का प्रचार किया है।
इन प्रयासों के बावजूद, नैदानिक परीक्षणों में अल्पसंख्यकों का प्रतिनिधित्व अभी भी कम है। जीएलपी-1 दवाओं के परीक्षणों में अश्वेत और लातीनी लोग गोरे लोगों की तुलना में काफी कम शामिल हैं। इसके अलावा, इन दवाओं की औसत वार्षिक लागत लगभग 7,000 डॉलर है, जो कई अल्पसंख्यकों के लिए वहन करना मुश्किल है।
| विवरण | आंकड़ा |
|---|---|
| LAUSD छात्र अधिक वजन/मोटापे से ग्रस्त | 30% |
| कैलिफोर्निया वयस्क मोटापा (2030 अनुमान) | 41.5% |
| जीएलपी-1 की औसत वार्षिक लागत | $7,000 |
| मेडिकेड कवरेज वाले राज्य | 13 |
प्रभाव
कैलिफोर्निया में मेडी-कैल ने इस साल की शुरुआत में वजन घटाने के लिए जीएलपी-1 दवाओं के कवरेज को बजट में कटौती के तहत समाप्त कर दिया। यह कदम कम आय वाले, असमान रूप से अश्वेत और लातीनी निवासियों को प्रभावित कर सकता है, जो पहले से ही मोटापे की उच्च दर का सामना कर रहे हैं।
मेडिकेड कवरेज वर्तमान में राज्यों के लिए वैकल्पिक है, और केवल 13 राज्य मोटापे के उपचार के लिए जीएलपी-1 को कवर करते हैं। फ्लोरिडा और टेक्सास जैसे बड़े अल्पसंख्यक आबादी वाले राज्य इसमें शामिल नहीं हैं। मेडिकेयर कवरेज भी सीमित है, हालांकि जुलाई में एक पायलट कार्यक्रम शुरू किया गया है।
सांस्कृतिक धारणाएं भी बाधा उत्पन्न करती हैं। जीएलपी-1 को अक्सर गोरे अभिजात्य वर्ग के लिए एक सुविधा के रूप में देखा जाता है और यह बॉडी पॉजिटिविटी आंदोलन के साथ टकराव पैदा कर सकता है। कुछ लोग इन दवाओं को शर्मनाक शॉर्टकट मानते हैं, जो वास्तविक फिटनेस से जुड़े संघर्ष के विपरीत है।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि मेडिकेयर पायलट कार्यक्रम सफल रहा, तो यह कम आय वाले अल्पसंख्यकों के लिए जीएलपी-1 की वित्तीय बोझ को कम करने का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। हालांकि, अन्य बाधाएं बनी रहेंगी, जैसे नैदानिक परीक्षणों में प्रतिनिधित्व की कमी और सांस्कृतिक धारणाएं।
यदि फार्मास्युटिकल कंपनियां और नीति निर्माता इन मुद्दों को संबोधित करते हैं, तो नस्लीय असमानता को कम किया जा सकता है। लेकिन यदि मेडी-कैल जैसे कवरेज में कटौती जारी रहती है, तो असमानता और बढ़ सकती है।
विश्लेषण में कहा गया है कि जीएलपी-1 दवाएं मोटापे के लिए एक समग्र समाधान के रूप में उभर रही हैं, लेकिन क्या उन्हें प्राथमिक समाधान के रूप में अनुमति दी जानी चाहिए, यह एक नस्लीय प्रश्न है जो अनुत्तरित है।
स्रोत: latimes.com
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मोटापा दर: LAUSD छात्र बनाम कैलिफोर्निया वयस्क (2030 अनुमान)
कैलिफोर्निया वयस्क (2030)41.5 प्रतिशत
सटीक आंकड़े देखें
| श्रेणी | मोटापा दर |
|---|---|
| LAUSD छात्र | 30 प्रतिशत |
| कैलिफोर्निया वयस्क (2030) | 41.5 प्रतिशत |
स्रोत:लॉस एंजिल्स टाइम्स लेख से आंकड़े। स्रोत-समर्थित



