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वेंगर ने FFE प्रस्ताव वापसी को बताया आवश्यक, कहा- फीफा की स्वतंत्रता पर है भरोसा

फीफा के वैश्विक फुटबॉल विकास प्रमुख आर्सेन वेंगर ने विवादास्पद FFE प्रस्ताव को वापस लिए जाने का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को वापस लेना बिल्कुल आवश्यक था और वे एक स्वतंत्र एवं पारदर्शी फीफा में विश्वास रखते हैं।

मुख्य तथ्य

वक्तव्य
आर्सेन वेंगर ने FFE प्रस्ताव वापसी को 'बिल्कुल आवश्यक' बताया
वेंगर की भूमिका
फीफा के मुख्य वैश्विक फुटबॉल विकास अधिकारी
प्रस्ताव का उद्देश्य
फीफा की प्रमुख प्रतियोगिताओं के अधिकारों के प्रबंधन हेतु वाणिज्यिक सहायक कंपनी बनाना
विरोध
यूईएफए, कॉनकाकाफ, एशियाई फुटबॉल परिसंघ और कई राष्ट्रीय संघों ने किया विरोध
फीफा अध्यक्ष
जियानी इन्फेंटिनो ने प्रस्ताव वापस लेने की घोषणा की
सदस्य संघ
फीफा के 211 सदस्य संघ

पृष्ठभूमि

फीफा के मुख्य वैश्विक फुटबॉल विकास अधिकारी आर्सेन वेंगर ने विवादास्पद फीफा फॉरवर्ड एंटरप्राइज (FFE) प्रस्ताव को वापस लिए जाने के फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को छोड़ना 'बिल्कुल आवश्यक और निर्विवाद' था। वेंगर ने एक बयान में यह भी दोहराया कि वे एक स्वतंत्र और पारदर्शी विश्व शासी निकाय में विश्वास करते हैं।

FFE प्रस्ताव में एक वाणिज्यिक सहायक कंपनी बनाने की परिकल्पना की गई थी, जो फीफा विश्व कप सहित फीफा की प्रमुख प्रतियोगिताओं के अधिकारों का प्रबंधन करती और निजी निवेशकों को इक्विटी हिस्सेदारी लेने की अनुमति देती। फीफा ने तर्क दिया था कि इस पहल से अतिरिक्त राजस्व उत्पन्न होगा, जिससे उसके 211 सदस्य संघों के लिए विकास निधि का विस्तार किया जा सकेगा।

वर्तमान स्थिति

वेंगर ने स्पष्ट किया कि उनका इस रणनीतिक प्रस्ताव से कोई लेना-देना नहीं था और उन्हें इसके बारे में मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से पता चला। उन्होंने कहा, "मैं इस रणनीतिक योजना में शामिल नहीं था और मुझे इस परियोजना के बारे में मीडिया रिपोर्टों के जरिए पता चला। परियोजना को वापस लेने का निर्णय बिल्कुल आवश्यक और निर्विवाद था, क्योंकि मैं एक स्वतंत्र फीफा में दृढ़ता से विश्वास करता हूं जो प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और अखंडता के साथ हमारे खेल की सेवा करता है।"

फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने FFE प्रस्ताव को वापस लेने की घोषणा की थी, जब यूईएफए, कॉनकाकाफ, एशियाई फुटबॉल परिसंघ (AFC) और कई राष्ट्रीय संघों के साथ-साथ फीफा के भीतर से भी इसका व्यापक विरोध हुआ था। इस परियोजना को शासन और पारदर्शिता पर तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा, जिसके बाद इन्फेंटिनो ने यह कहते हुए योजना को छोड़ दिया कि इसने विश्व फुटबॉल के भीतर विभाजन पैदा कर दिया है जो अब खेल के हित में नहीं है।

प्रभाव

FFE प्रस्ताव को वापस लेने से फीफा की प्रमुख प्रतियोगिताओं के अधिकारों के प्रबंधन में निजी निवेशकों की भागीदारी की संभावना समाप्त हो गई है। इसका सीधा असर फीफा की वित्तीय योजनाओं पर पड़ सकता है, क्योंकि संगठन ने अतिरिक्त राजस्व के जरिए विकास निधि बढ़ाने की उम्मीद जताई थी। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इस फैसले से फीफा के 211 सदस्य संघों को मिलने वाली विकास निधि पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

इस कदम से फीफा के भीतर शासन और पारदर्शिता को लेकर चिंताओं को कुछ हद तक शांत किया जा सकता है, क्योंकि यूईएफए, कॉनकाकाफ और एशियाई फुटबॉल परिसंघ जैसे क्षेत्रीय निकायों ने इसका विरोध किया था। वेंगर का बयान भी फीफा की स्वतंत्रता और अखंडता पर जोर देता है, जिससे संगठन की छवि को मजबूती मिल सकती है।

भविष्य की संभावनाएं

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

यदि फीफा भविष्य में इसी तरह की कोई वाणिज्यिक पहल करता है, तो उसे सदस्य संघों और क्षेत्रीय निकायों की चिंताओं को दूर करने के लिए अधिक पारदर्शी प्रक्रिया अपनानी होगी। अन्यथा, इसी तरह के विरोध का सामना करना पड़ सकता है।

वेंगर के बयान से फीफा के भीतर उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों को लेकर स्पष्टता आई है, जिससे भविष्य में रणनीतिक फैसलों में उनकी भागीदारी को लेकर सवाल उठ सकते हैं। यदि फीफा अपनी विकास निधि बढ़ाने के लिए नए रास्ते तलाशता है, तो उसे सदस्य संघों का विश्वास हासिल करने की आवश्यकता होगी।

फीफा के अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो के नेतृत्व में संगठन आगे किस दिशा में जाएगा, यह देखना होगा। संभावना है कि फीफा अब अपना ध्यान विकास कार्यक्रमों और युवा फुटबॉल पर केंद्रित करेगा, जैसा कि वेंगर ने अपने बयान में बताया।

स्रोत: prokerala.com

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