नई दिल्ली, 4 अगस्त (एएनआई): पैरालंपिक समिति ऑफ इंडिया (पीसीआई) के अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया ने कॉमनवेल्थ गेम्स (सीडब्ल्यूजी) 2026 में पैरा एथलीटों के प्रदर्शन को 'पदकों का तूफान' बताया। भारतीय पैरा एथलीटों ने इस प्रतियोगिता में कुल सात पदक जीते, जिनमें तीन स्वर्ण पदक शामिल हैं।
झाझरिया ने एएनआई से कहा, 'यह सीडब्ल्यूजी सिर्फ एक पल नहीं था, यह पैरा एथलीटों के लिए पदकों का तूफान था। मैं सभी एथलीटों को बधाई देता हूं। पिछले चार सीडब्ल्यूजी में हम केवल पांच पदक जीत पाए थे, अब हमने पैरा एथलेटिक्स में सात पदक जीते हैं, जिसमें तीन स्वर्ण शामिल हैं।'
उन्होंने शॉट पुट पैरा एथलीट शर्मिला धनकर की कहानी पर प्रकाश डाला, जिन्होंने वैवाहिक जीवन में घरेलू हिंसा जैसी कठिनाइयों का सामना करने के बाद महिलाओं की एफ57 शॉट पुट स्पर्धा में 9.81 मीटर के सीजन-बेस्ट थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने सेना के जवान सोमन राणा की भी सराहना की, जिन्होंने पुरुषों की एफ57 शॉट पुट में स्वर्ण जीता; राणा ने एक बारूदी सुरंग दुर्घटना में अपना बायां पैर खो दिया था।
झाझरिया ने पुरुषों की 100 मीटर टी47 स्पर्धा में दिलीप गवित के 10.71 सेकंड के सीडब्ल्यूजी रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक को भी प्रमुख उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि दौड़ के अंतिम कुछ सेकंड में गवित 'दौड़े नहीं, उड़े'। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पैरा एथलीटों के उत्थान के लिए उनके प्रयासों से भारत खेल विज्ञान में आगे बढ़ रहा है।
भारत ने ग्लासगो में संपन्न सीडब्ल्यूजी में 39 पदक (13 स्वर्ण, 17 रजत, नौ कांस्य) के साथ चौथा स्थान हासिल किया। पैरा एथलीटों का यह अब तक का सर्वश्रेष्ठ सीडब्ल्यूजी अभियान रहा, जिसमें जंदू कुमार ने पुरुषों की हैवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग में कांस्य पदक जीता।
स्रोत: pakistantelegraph.com



