वन विभाग ने मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए बेंगलुरु ग्रामीण जिले में व्यापक कैमरा ट्रैप निगरानी नेटवर्क शुरू किया है। यह कदम घटते जल स्रोतों और भोजन की कमी के कारण जानवरों के शहर के बाहरी इलाकों में बढ़ते आवागमन के मद्देनजर उठाया गया है।
बेंगलुरु ग्रामीण जिले के 16,000 हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र में भालू, तेंदुए, जंगली सूअर, लोमड़ी, हिरण, मोर, सांप और कई छोटे स्तनधारी पाए जाते हैं। दोड्डाबल्लापुर के जंगलों में भालू और तेंदुए की नियमित गतिविधि दर्ज की जा रही है।
पहले ऐसी गतिविधि मुख्य रूप से गर्मियों के चरम तक सीमित थी, लेकिन अब यह साल भर देखी जा रही है। विभाग का मानना है कि कैमरा ट्रैप से जानवरों की आवाजाही पर नज़र रखने और संघर्ष की घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी।



