मुख्य तथ्य
- वार्ता की स्थिति
- अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार जारी, ईरान के अनुसार नहीं
- ट्रंप का बयान
- यह आखिरी मौका है
- समर्थन देने वाले देश
- सऊदी अरब, यूएई, कतर
- चरण एक
- होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना
- चरण दो
- ईरान का परमाणु विघटन
- ईरान का रुख
- अमेरिका से कोई वार्ता नहीं, ओमान से बातचीत जारी
पृष्ठभूमि
वाशिंगटन, 4 अगस्त (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ बातचीत 'अभी चल रही है' और इसे 'आखिरी मौका' बताया है। ट्रंप ने व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में सैन्य जीवनसाथी से संबंधित एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर के बाद संवाददाताओं से यह बात कही।
ट्रंप ने कहा, 'हम बात कर रहे हैं और हम ईरान के अनुरोध पर बात कर रहे हैं, जिसे सऊदी अरब, यूएई और विशेष रूप से कतर का समर्थन प्राप्त है, लेकिन अन्य भी हैं।' उन्होंने कहा, 'यह उनके लिए एक अच्छा दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करने का आखिरी मौका है।'
वर्तमान स्थिति
ट्रंप ने कहा कि दोनों पक्ष होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर बात कर रहे हैं, 'इसे कल तक पूरी तरह से खोल दिया जाएगा, और यह चरण एक है।' उन्होंने कहा, 'और चरण दो यह है कि हम परमाणु क्षमता के बारे में बात करेंगे... ईरान का परमाणु विघटन होना चाहिए, इसमें थोड़ा समय लगेगा।'
इससे पहले दिन में, ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरानी नेतृत्व पर निशाना साधते हुए उन्हें 'अविश्वसनीय रूप से दोमुंहा' बताया। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'वे बैठक के लिए पूछते हैं, कुछ कहेंगे 'भीख मांगते हैं', बातचीत शुरू होती है, और वे खुले तौर पर और गर्व से कहते हैं कि वे कोई चर्चा नहीं कर रहे हैं, कुछ भी बात नहीं हो रही है, और वे केवल 'ओमान' से निपट रहे हैं।'
हालांकि, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माइल बघाई ने सोमवार को तेहरान में कहा कि ईरान फिलहाल संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ किसी भी वार्ता में शामिल नहीं है, और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ओमान के साथ बातचीत जारी है।
प्रभाव
इन बयानों से अमेरिका-ईरान संबंधों में अनिश्चितता बढ़ गई है। ट्रंप की 'आखिरी मौका' और 'सिर कलम करने' जैसी टिप्पणियों से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की बात से वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ सकता है, क्योंकि यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है। अगर यह खुलता है, तो तेल की कीमतों में गिरावट आ सकती है, लेकिन अगर बातचीत विफल होती है, तो तनाव बढ़ सकता है।
ईरान के इनकार और अमेरिकी दावों के बीच विरोधाभास से अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भ्रम की स्थिति है। इससे क्षेत्रीय देशों, विशेष रूप से खाड़ी देशों की स्थिति प्रभावित हो सकती है, जो वार्ता का समर्थन कर रहे हैं।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
ट्रंप ने कहा कि प्रगति के बारे में 'आज या कल पता चलेगा... वे जल्दी से एक तरफ या दूसरी तरफ जाएंगे।' अगर बातचीत सफल होती है, तो होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुल सकता है और परमाणु वार्ता शुरू हो सकती है।
यदि बातचीत विफल होती है, तो ट्रंप की 'सिर कलम करने' वाली टिप्पणी से संकेत मिलता है कि अमेरिकी कार्रवाई हो सकती है, जिससे क्षेत्र में संघर्ष बढ़ सकता है। हालांकि, ईरान के इनकार से यह स्पष्ट नहीं है कि वार्ता वास्तव में हो रही है या नहीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में स्थिति स्पष्ट हो सकती है, लेकिन फिलहाल दोनों पक्षों के बयानों में विरोधाभास है। यदि ईरान वार्ता के लिए सहमत होता है, तो समाधान की संभावना है, अन्यथा तनाव बढ़ सकता है।
स्रोत: ianslive.in



